Was late TV actor Samir Sharma battling depression, money crisis?-m.khaskhabar.com
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क्या समीर शर्मा तनाव व आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे?

khaskhabar.com : शुक्रवार, 07 अगस्त 2020 09:52 AM (IST)
क्या समीर शर्मा तनाव व आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे?
मुंबई। टेलीविजन अभिनेता समीर शर्मा ने अपने मुंबई स्थित अपार्टमेंट में कथित तौर पर खुदकुशी कर अपनी जिंदगी खत्म कर दी। 44 वर्षीय यह अभिनेता बुधवार रात अपने किचन में फांसी के फंदे से लटकते हुए पाए गए। पुलिस को शक है कि उनकी मौत शायद दो दिन पहले हुई होगी।

दिवंगत अभिनेता के हाल के सोशल मीडिया पोस्ट को देखते हुए ये सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या वह मानसिक तनाव से जूझ रहे थे।

पिछले सोमवार (27 जुलाई) को समीर ने अपने इंस्टाग्राम अकांउट पर एक कविता को साझा किया था। यह कविता इंसान की मौत के बाद उसके सपनों के खत्म हो जाने के बारे में थी।

20 जुलाई को अभिनेता ने फेसबुक पर अपने बनाए शॉर्ट फिल्म 'द कट' को साझा किया था। उन्होंने अपने इस प्रयास का वर्णन कुछ इस प्रकार से किया था : यह फिल्म आइसोलेशन के मनोवैज्ञानिक प्रभावों के बारे है, जिसका प्रभाव लॉकडाउन के चलते अकेले रहने वाले किसी व्यक्ति पर पड़ता है।

आठ जून को भी उन्होंने एक कविता को साझा किया था। हिंदी और अंग्रेजी में लिखी गई इन कविताओं में दिल के टूटने और दर्द होने की झलक मिली।

समीर शर्मा मलाड वेस्ट में किराए के एक अपार्टमेंट में रहते थे, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर इसी साल फरवरी में शिफ्ट किया था। जून के पहले सप्ताह में उनके द्वारा साझा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट से इस बात का संकेत मिलता है कि वह दोबारा घर बदलने का सोच रहे थे और उनकी इच्छा किसी शेयर्ड अपार्टमेंट में रहने का था।

इस पोस्ट से सवाल उठता है कि क्या वह आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे।

क्या इस तरह के सोशल मीडिया पोस्ट तनाव होने के संकेत देते हैं? कोलकाता के मनोचिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "हमें सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ-साथ लोगों में जागरूकता लाने की आवश्यकता है, जिससे अगर किसी की नजर अपने किसी दोस्त या किसी और की प्रोफाइल में इस तरह की निराशाजनक विषय सामग्री पर पड़ती है तो उन्हें तुरंत इसकी जानकारी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी संस्था या उन शख्स के किसी जानने वाले को देना चाहिए ताकि कुछ किया जा सके। भारत में कुछ ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं जहां लोगों ने पुलिस को ऐसे विषय की सूचना दीं और उनके द्वारा फिर एहतियाती कदम उठाए गए।"

डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि पिछले कुछ महीनों में लॉकडाउन के दौरान लोगों में अवसाद और चिंता के मामले बढ़े हैं और यह सिर्फ अलग-थलग रहने की वजह से नहीं है बल्कि इसके पीछे कई और भी कारण हैं जैसे कि भविष्य को लेकर अनिश्चितता, समर्थन का पर्याप्त अभाव जो कि स्थिति के साथ तालमेल बिठाने के हमारे कौशल का परीक्षण लेती है।

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोग तो आर्थिक समस्याओं का भी सामना कर रहे हैं। (आईएएनएस)

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