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सिडनी वनडे : टेस्ट जीत के बाद, विराट सेना की नजरें वनडे सीरीज पर

khaskhabar.com : शुक्रवार, 11 जनवरी 2019 1:01 PM (IST)
सिडनी वनडे : टेस्ट जीत के बाद, विराट सेना की नजरें वनडे सीरीज पर
सिडनी। टेस्ट सीरीज में इतिहास रचने वाली भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में अपने उसी फॉर्म को जारी रखने के इरादे से उतरेगी। सीरीज का पहला मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर खेला जाएगा। टेस्ट सीरीज में जीत की खुशी से लबरेज भारतीय कप्तान विराट कोहली वनडे सीरीज की शुरुआत भी जीत के साथ करना चाहेंगे और इसमें वह किसी भी तरह की कसर छोड़ने के मूड में नहीं होंगे।

मेहमानों को हालांकि अपने अतिउत्साह से बचना होगा। जीत के बाद भारतीय कप्तान और कोच रवि शास्त्री ने जो बयान दिए हैं उनसे वह कई दिग्गजों के निशाने पर हैं। ऐतिहासिक जीत के बाद अगर भारतीय टीम मैदान पर अतिउत्साह दिखाती है तो नुकसान उसे उठाना पड़ सकता है। कोहली की कप्तानी में भारत ने 71 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीती है, लेकिन जो ऑस्ट्रेलियाई टीम टेस्ट में थी उसके मुकाबले मेजबान सीमित ओवरों में ज्यादा बेहतर हैं। ऐसे में भारत को सतर्क रहकर मैदान पर उतरना होगा।

टेस्ट में भारत की जीत में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के संयुक्त प्रदर्शन का अहम योगदान था। वनडे सीरीज में भारतीय गेंदबाज एक बार फिर बड़ी भूमिका में होंगे और उन्हीं के कंधों पर टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। तेज गेंदबाजी में टीम की जिम्मेदारी मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, खलील अहमद और हार्दिक पांड्या पर होगी। जसप्रीत बुमराह को टीम प्रबंधन ने वनडे सीरीज में आराम देने का फैसला किया और उनके स्थान पर युवा मोहम्मद सिराज को ऑस्ट्रेलिया भेजा है।

बुमराह ने टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया था और टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लिए थे। वनडे में वह नहीं हैं इसलिए शमी और भुवनेश्वर के कंधों पर भार बढ़ गया है। शमी ने टेस्ट में बुमराह के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। तेज गेंदबाजों के अलावा भारतीय स्पिनर इस सीरीज में भी बड़ा रोल निभाएंगे। मध्य ओवरों में कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इन दोनों ने बीते तकीरबन एक साल में हर जगह टीम को सफलता दिलाई है। दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज में जीत और इंग्लैंड में सीमित ओवरों में भी इन दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं बल्लेबाजी की बात की जाए तो कोहली और उप-कप्तान रोहित शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी निभानी है। अंबाती रायडू ने हाल ही में जो प्रदर्शन किया है उससे भारत की नंबर-4 की चिंता को लगभग खत्म कर दिया है। यह सीरीज विश्व कप से पहले रायडू के लिए नंबर-4 पर अपने दावे को और पुख्ता करने वाली साबित होगी। निचले क्रम में केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी और हार्दिक पांड्या टीम के लिए अहम योगदान देंगे।

ऑस्ट्रेलिया ने वनडे सीरीज के लिए जो टीम चुनी है उसमें टेस्ट टीम के सात सदस्य ही हैं जिनमें से छह ने ही टेस्ट में मैदान पर कदम रखा था। टीम की कमान मौजूदा समय में ऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज एरॉन फिंच के हाथों में है। फिंच का बल्ला लाल गेंद पर अपने प्रहार दिखाने में बेशक नाकाम रहा हो लेकिन सफेद गेंद पर उनके बल्ले का जोर अगर चल गया तो भारत के लिए परेशानी खड़ी होना निश्चित है। वनडे में फिंच के अलावा ग्लैन मैक्सेवल, मिशेल मार्श, एलेक्स कारे पर मेजबान टीम का भार होगा। भारत के मजबूत गेंदबाजी क्रम के इन सभी के लिए समस्याएं बड़ी हैं और इससे पार पाना आस्ट्रेलिया के लिए सिरदर्दी होगी।

ऑस्ट्रेलिया के लिए जो खिलाड़ी छुपे रुस्तम साबित हो सकेत हैं वो हैं मार्कस स्टोइनिस और बिलि स्टानलेक। इन दोनों को भारत किसी भी तरह से हल्के में नहीं ले सकता। वहीं गेंदबाजी की बात की जाए तो आस्ट्रेलिया ने मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और पेट कमिंस, तीनों को इस सीरीज में आराम दिया है। ऐसे में लंबे अंतराल बाद वापसी कर रहे पीटर सिडल के पास विश्व कप के लिए टीम में अपनी जगह पक्की करने का यह अच्छा मौका है। सिडल के अलावा मिशेल मार्श, स्टानलेक, जेसन बेहेनडोर्फ को मजबूत भारतीय बल्लेबाजी क्रम को रोकने की चुनौती उठानी पड़ेगी।

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