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झांग को हराने के बाद सातवें आसमान पर हैं रितुपर्णा

khaskhabar.com : मंगलवार, 04 फ़रवरी 2020 7:40 PM (IST)
झांग को हराने के बाद सातवें आसमान पर हैं रितुपर्णा
नई दिल्ली। अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहा हर एक खिलाड़ी अपने से ऊंचे रैंकिंग वाले किसी विश्वस्तरीय खिलाड़ी को हराने का सपना देखता है। अगर ऐसा हो जाए तो निश्चित तौर पर उसके पैर सातवें आसमान पर होते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ भारत की युवा महिला बैडमिंटन खिलाड़ी रितुपर्णा दास के साथ।

रितुपर्णा ने सोमवार को स्टार स्पोटर्स प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) के पांचवें सीजन में विश्व स्तर की ख्याति प्राप्त खिलाड़ी मलेशिया की बेइवान झांग को सीधे गेमों में मात दी। विश्व रैंकिंग में अगर देखा जाए तो झांग 14वें स्थान पर हैं जबकि रितुपर्णा ने अभऊी हाल ही में शीर्ष-100 में प्रवेश किया है।

रितुपर्णा ने मैच के बाद आईएएनएस से इंटरव्यू में कहा, "मैं तो बहुत ज्यादा ही खुश हूं। यह उसका ट्रम्प मैच भी था और उसमें उसे हराना मेरे लिए बड़ी बात है। उनको हरा मैं अपनी टीम को अंक दिला पाई यह मेरे लिए बड़ी बात है। झांक के खिलाफ मैंने कोई विशेष तैयारी नहीं की थी। अपने पिछले मैच में जो गलतियां की थीं उन्हें न दोहराने की कोशिश कर रही थी। मेरी कोशिश बस शटल को कोर्ट पर रखने की थी।"

झांग के खिलाफ रितपुर्णा को जो जीत मिली है उसकी कहानी शायद पहले ही शुरू हो चुकी थी क्योंकि झांग से पहले रितुपर्णा, पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 ताई जु यिंग, क्रिस्टी गिल्मर और मिशेल ली जैसी शीर्ष खिलाड़ियों से भिड़ चुकी थीं।

यिंग के खिलाफ उन्हें बेशक आसान मात मिली थी लेकिन मिशेल ली के खिलाफ रितुपर्णा ने कड़ी प्रतिस्पर्धा दिखाई थी और एक गेम भी जीता था। इन्हीं खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने और अच्छा करने का आत्मविश्वास ही रितुपर्णा के लिए झांग के खिलाफ काम आया।

रितपुर्णा ने कहा, "मिशेल के साथ मेरा मैच काफी करीबी रहा था। मैंने नोटिस किया था कि मुझे क्या गलती नहीं करनी है। मिशेल के साथ जो करीबी मैच का अनुभव था जो अनुभव था उससे मुझे आत्मविश्वास मिला। मैंने यही सोचा था कि मुझे पुरानी गलतियां नहीं करनी हैं और अच्छे से खेलना है। यही सोच काम कर गई।"

यह रितुपर्णा की इस सीजन की सिर्फ दूसरी जीत है। वह लगातार तीन हार के बाद झांग के सामने उतरी थीं।

शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलना हमेशा चुनौती होता है। यहां सिर्फ खेल ही नहीं, आगे जाने के लिए फिटनेस भी बहुत बड़ा रोल अदा करती है। फिटनेस में चूक बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है इस बात को रितुपर्णा समझती हैं और इसलिए वह यहां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं।

बकौल रितपुर्णा, "हां, फिटनेस शीर्ष स्तर पर लगातार अच्छा खेलने के लिए काफी मायने रखती है। मेरे प्रशिक्षकों ने भी बोला है कि मुझे फिटनेस पर ध्यान देना है। मैं कोशिश कर रही हूं कि ज्यादा से अपनी फिटनेस सुधार सकूं।"

रितुपर्णा भारतीय टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद की अकादमी में ट्रेनिंग करती हैं। इसी अकादमी में पीवी सिंधु और सायना नेहवाल भी अभ्यास करती हैं जिन्हें रितपुर्णा देखती हैं। लेकिन पीबीएल ने उन्हें वो मंच दिया है जहां से वो दुनिया की बाकी खिलाड़ियों को करीब से देख सकें और उनको ट्रेनिंग करते देख सीख सके। रितुपर्णा मानती है कि लीग में खेलने से और बाकी खिलाड़ियों को देखने से उन्हें काफी फायदा हुआ है।

पीबीएल के अपने अनुभव पर रितपुर्णा ने कहा, "पीबीएल में दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने से फायदा तो होता है। मैं पिछले साल भी पीबीएल में खेली और उससे मुझे फायदा हुआ। मैं शीर्ष-100 में आ पाई। पीबीएल ने काफी मदद की क्योंकि यहां लगभग सभी शीर्ष खिलाड़ी खेलते हैं तो उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है।"

झांग के खिलाफ जीत रितपुर्णा के करियर में कितना बड़ा मील का पत्थर साबित होती है यह तो बाद में पता चलेगा लेकिन लीग में अपने प्रदर्शन से रितुपर्णा ने आस जरूर जगाई है। (आईएएनएस)

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