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‘ऑस्ट्रेलिया दौरे ने हमें आईना दिखाया है कि हमें कहां काम करना है’

khaskhabar.com : बुधवार, 29 मई 2019 2:18 PM (IST)
‘ऑस्ट्रेलिया दौरे ने हमें आईना दिखाया है कि हमें कहां काम करना है’
नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम को आठ अप्रैल को ग्राहम रीड के रूप में नया कोच मिला। यह नियुक्ति तब हुई जब भारत के पास ओलंपिक की तैयारी के लिए सिर्फ डेढ़ साल का समय बचा है। ऐसे में किसी भी टीम या कोच के लिए एक-दूसरे को समझना और कोच के लिए उस टीम के खेल को समझना काफी मुश्किल है, लेकिन रीड का मानना है कि उनके पास जो भी समय है उसका सदुपयोग करना ही एकमात्र विकल्प है।

रीड कहते हैं कि यह समय काफी है बशर्ते उनकी टीम को लगातार सुधार करना होगा और जब भी जहां भी खेलने का मौका मिले, अपने आपको बेहतर करने की मानसिकता के साथ मैदान में उतरना होगा। रीड ने कहा कि उनकी टीम इस सोच के साथ ही छह जून से भुवनेश्वर में शुरू हो रहे एफआईएच फाइनल में उतरेगी। रीड ने आईएएनएस से फोन पर इंटरव्यू में कहा कि ईमानदारी से कहूं तो यह बात मायने नहीं रखती कि समय है कि नहीं क्योंकि हमें काम करना ही होगा।

हमारे पास समय है, हम तैयारी कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे ने हमें आईना दिखाया है कि हमें कहां काम करना है। हम जब भी खेलें अगर हम लगातार सुधार करते रहें तो हमारे लिए अच्छा होगा। हम हर टूर्नामेंट में अच्छा करने की कोशिश करेंगे और उम्मीद करेंगे की ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर सकें। हमारे पास जो भी समय है उसे हम सर्वश्रेष्ठ तरीके से उपयोग में ले अपने आपमें सुधार करना चाहेंगे।

रीड का भारतीय टीम के साथ पहला दौरा ऑस्ट्रेलिया का था, जहां टीम को राष्ट्रीय टीम से दो हार, ऑस्ट्रेलिया-ए के साथ एक ड्रॉ एक जीत और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया थंडरस्टिक्स के साथ हार मिली थी। रीड ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरे से उन्हें पता चला है कि टीम को कहां काम करने की जरूरत है और टीम कर भी रही है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने कहा कि हम हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौर से लौटे हैं।

जो काफी अहम था क्योंकि इससे हमें पता चला कि हमें कहां ध्यान देने की जरूरत है और जिस स्तर पर हम जाना चाहते हैं उसके लिए हमें कहां काम करना है। पिछले दो सप्ताह में हमारा फोकस बेहतर हुआ है। गोल करने की क्षमता, सर्किल में गेंद लेने की काबिलियत, वन ऑन वन कनेक्शन, मिडफील्ड और स्ट्राइक लाइन में सामंजस्य इन पर हमारा फोकस रहा है।

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