Women of 45000 Rajeevika will become security friends of Rajasthan Police-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Jul 1, 2022 7:59 am
Location
Advertisement

45000 राजीविका की महिलाएं बनेंगी राजस्थान पुलिस की सुरक्षा सखी

khaskhabar.com : गुरुवार, 19 मई 2022 08:03 AM (IST)
45000 राजीविका की महिलाएं बनेंगी राजस्थान पुलिस की सुरक्षा सखी
जयपुर । अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुनीता मीना ने बताया कि राजस्थान पुलिस की शानदार योजना है सुरक्षा सखी । जिसमें कोई भी महिला पुलिस के साथ जुड़ सकती है महिला बालिकाओं एवं पुलिस के बीच सेतु का काम कर सकती हैं
महिला एवं बालिकाएं निजी समस्याओं को डर या झीझक के कारण पुलिस तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं तथा अंदर ही अंदर घुटन भरी जिंदगी जी रही हैं ऐसी महिलाओं की समस्याओं को अब सुरक्षा सखियां पुलिस तक पहुंचाएगी

पूरे राजस्थान में अब तक लगभग 13000 सुरक्षा सखियां बन चुकी हैं जयपुर में लगभग 3500 सुरक्षा सखियां बन गई हैं इनकी हर माह थाने पर एसएचओ के साथ में मीटिंग ली जाती है जहां यह अपनी समस्याएं बताती हैं सभी समस्याओं पर क्या कार्रवाई हुई से इन्हें अवगत कराया जाता है हर 3 महीने में सर्किल ऑफिसर एवं छह महीने में एसपी के द्वारा इनकी मीटिंग ली जाती है
वास्तव में सुरक्षा सखी कम्युनिटी पुलिस है इससे समाज को बेहतर बनाया जा सकता है महिलाओं संबंधित अपराधों की रोकथाम की जा सकती है ।

आइए जानते है सुरक्षा सखी बनने के लिए क्या करें

1- सुरक्षा सखी की खुली सदस्‍यता होगी जिसमें कोई भी इच्‍छुक महिला/बालिका सम्‍मिलित हो सकती है ।
2- सुरक्षा सखी में सभी जाति धर्म, वर्ग व समुदाय की महिलाओं एवं बच्‍चों को प्रतिनिधित्‍व दिया जायेगा ।
3- सभी सरकारी / गैर सरकारी संगठन जैसे _ आशा सहयोगिनी, एएनएम, जीएनएम, आंगनबाडी कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन एवं विभिन्‍न सरकारी विभागों की महिला कर्मी जैसे _ शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, समाज कल्‍याण, सामुदायिक विभाग, विधुत, जलदाय एवं राजस्‍व आदि को भी सुरक्षा सखी के रुप में आमंत्रित किया जा सकेगा ।

योग्‍यता -

1 सुरक्षा सखी के सदस्‍य संबंधित थाना क्षेत्र के निवासी होगें ।

2- सुरक्षा सखी के सदस्‍यों की आयु 15 से 70 वर्ष के मध्‍य होगी

3- सुरक्षा सखी के सदस्‍यों का आपराधिक रिकाॅर्ड नही होगा एवं ना ही किसी प्रकार की संदिग्‍ध गतिविधियों में लिप्‍त होगे
इस प्रकार से ज्यादा से ज्यादा संख्या में महिलाओं को सुरक्षा सखी के रूप में पुलिस से जुड़ना चाहिए तथा पुलिस की समस्त योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर कानून की जानकारी प्राप्त कर अपने क्षेत्र के हर महिला तक पहुंचाना चाहिए अपना अधिकार और अपना हक प्राप्त करने के लिए हर महिला को बालिका को कानूनी साक्षर होना बहुत जरूरी है
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुनीता मीना ने कहा कि
सुरक्षा सखी को किस प्रकार से काम करना है इस हेतु उन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी
हमारा यही है उद्देश्य की हर महिला सशक्त हो ।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar Rajasthan Facebook Page:
Advertisement
Advertisement