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कुंभ-2019 में कौन से फेमस बाबाओं की हुई नो एंट्री, यहां पढ़ें और सुनें

khaskhabar.com : गुरुवार, 03 जनवरी 2019 11:42 AM (IST)
कुंभ-2019 में कौन से फेमस बाबाओं की हुई नो एंट्री, यहां पढ़ें और सुनें
अमरीश मनीष शुक्ल
प्रयागराज । सनातन संस्कृति का अद्भुत स्वरूप देखने के लिए 15 जनवरी से पूरी दुनिया से लोग कुंभ नगरी यानी प्रयागराज पहुंचेंगे।संगम की रेती पर्यटकों और श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार है। लेकिन, त्रिवेणी के इस पवित्र स्थल पर कई फेमस बाबाओं के आगमन पर अड़चन आ गई है । दर्जनों बड़े नाम वाले बाबाओं की एंट्री कुंभ में बैन कर दी गई है । इनमें अधिकांश वह बाबा शामिल है जिन्हें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने फर्जी बाबा घोषित कर दिया है। कुंभ मेले के दौरान ऐसे बाबाओं को ना सरकारी सुविधाएं मिलेंगी और ना ही अखाड़े इन्हें कुंभ में कल्पवास करने की अनुमति देंगे । आइए जानते हैं कि इस बार किन बाबाओ को कुंभ में आने से रोका गया है।

इन पर है बैन
इनमें पहला नाम चक्रपाणि महाराज का है और दूसरा नाम प्रमोद कृष्णन का है। यह दोनों बाबा देश में चर्चित संतों में गिने जाते रहे हैं अब इन्हें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने फर्जी करार दे दिया है । जिसके कारण कुंभ में यह बैन हैं। इसके अलावा क्रिया योग आश्रम एवं अनुसंधान केंद्र के निदेशक योगी सत्यम उर्फ सत्यनारायण बाबा को भी ढोंगी बाबा घोषित कर दिया गया है। जिसके कारण इनकी भी एंट्री कुंभ में बैन रहेगी। इसके अलावा दिल्ली के वीरेन्द्र देव दीक्षित कालनेमी, बस्ती के सचिदानंद सरस्वती और इलाहाबाद की साध्वी त्रिकाल भवंता भी फर्जी बाबाओं की लिस्ट में शामिल होने के कारण कुंभ में किसी भी तरह सरकारी सुविधा नहीं हासिल कर सकेंगे।


जबकि अन्य बैन किये गये संतो में आशाराम उर्फ आशुमल शिरमानी, सचिदानंद गिरी उर्फ सचिन दत्ता, गुरमीत राम रहीम, ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह, इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ऊं नम: शिवाय बाबा, नारायण साईं, रामपाल, खुशी मुनि, बृहस्पति गिरि और मलकान गिरि शामिल हैं।


ये सभी फर्जी बाबा घोषित होने के कारण कुंभ में बैन किये गये हैं अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि जिन बाबाओ को कुंभ में बैन किया गया है वह अगर चाहे तो एक सामान्य श्रद्धालु की तरह संगम में स्नान के लिए आ सकते हैं । हालांकि अखाड़ों में शामिल होने वाले संतों की तरह यह लोग अखाडे में प्रवेश, शाही स्नान, पेशवाई, शोभा यात्रा, शिविर व सरकारी सुविधा के पात्र नहीं होंगे। ऐसी तमाम व्यवस्था इनके लिये प्रतिबंधित होगी गया है ।

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