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जल, थल व वायु सेना के पूर्व अध्यक्षों युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि की अर्पित

khaskhabar.com : शनिवार, 07 दिसम्बर 2019 10:40 PM (IST)
जल, थल व वायु सेना के पूर्व अध्यक्षों युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि की अर्पित
चंडीगढ़। राष्ट्रीय ध्वज दिवस को मनाने तथा मुख्य मिलट्री लिटरेचर फेस्टिवल (एमएलएफ) 2019 का आधार बांधते हुए जल, थल व वायु सेना के पूर्व अध्यक्षों ने शनिवार को यहां के युद्ध स्मारक पर शहीदों को अपनी श्रद्धांजलियां अर्पित कीं।
पूर्व सेवा प्रमुखों जनरल वीपी मलिक (सेवानिवृत्त) के साथ एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ (सेवानिवृत्त) और एडमिरल सुनील लांबा (सेवानिवृत्त) ने श्रद्धांजलि अर्पित करके शहीद हुए सैनिकों के महान बलिदानों को सम्मानित किया जिन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए शहादत प्राप्त की।
इस अवसर पर पंजाब पुलिस की एक टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया जबकि पुलिस के जवानों ने पाईपर बैंड भी बजाया। इस अवसर पर शहीदों को अपना सम्मान देने के लिए पंजाब और हरियाणा निदेशालय के एनसीसी कैडेट और स्थानीय शहरीस्कूलों के छात्रों के साथ-साथ सभी क्षेत्रों के लोग भी शामिल हुए।
श्रद्धांजलि समारोह के बाद पूर्व सेवा प्रमुखों ने पंजाब के मुख्यमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल (सेवानिवृत्त) के साथ ब्रेवहट्र्स मोटर साइकिल राईड को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस राईड में भाग लेने वाले लोगों द्वारा नशा विरोधी संदेश फैलाने संबंधी उनके प्रयासों की सराहना की।
चंडीगढ़ क्लब के बाहर से राईड की शुरूआत करते हुए, अनुभवी रक्षा और सेवारत अधिकारियों सहित 425 डेशिंग ड्राइवरों ने राज्य सरकार के एंटी-ड्रग ड्राइव को आगे बढ़ाया जिस दौरान उन्होंने युवाओं से नशे को त्यागने और अपने जीवन को सत्य, दृढ़ता और गरिमा के साथ जीने का आग्रह किया जिसका उदाहरण सशस्त्र बलों के लोकाचार और संस्कृति द्वारा मिलता है।
उत्तरी क्षेत्र भर के राईडरों को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार की गई इस राईड में रॉयल एनफील्ड मोटरसाईकलों पर सवार 12 समूह भी शामिल हुए जो राष्ट्रीय ध्वज दिवस पर शहीद सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए सेना के पूर्व अधिकारियों के साथ मौजूद थे।
आकर्षक एमएलएफ आर्म बैंड्स पहने हुए ट्राइंफ, बीएमडब्ल्यू और हार्ले मोटरसाईकिल राईडरों का शहर से होकर अपने गंतव्य चंडीमंदिर छावनी तक पहुंचने तक पूरे रास्ते में लोगों द्वारा हौंसाला अफजाई की गई। पूर्व सेना अधिकारियों के कंधों पर मौजूद बिल्ले उनके साथियों के बलिदान के सम्मान का प्रतीक बने।
इस अवसर पर कनाडाई कोंसुलर जनरल चंडीगढ़ मिया येन, वाईपीएस के निदेशक मेजर जनरल टीपीएस वड़ैच और ओएसडी/वरिष्ठ सलाहकार करणवीर सिंह आदि उपस्थित थे।
राईड में भाग लेने वाले बारह समूहों में द थम्पर्स, द एफबीआई बुल्स, द बजाज एवेंजर्स, द ब्रदरहुड सर्कल के अलावा एचएच 100 टी, द सोरिंग ईगल्स, द रोड सर्वाइवर्स, द हाईवे राइडर्स और नोमैड्स, द रोड रनर्स, द ट्रैग और द रोयल एनफील्ड जि़रकपुर शामिल थे।
इस नेक कार्य को बढ़ावा देने के लिए आयोजकों के इन नेक विचारों की सराहना करते हुए जनरल शेरगिल, जो एमएलएफ एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, ने भविष्य में इस तरह के और आयोजन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना पैदा करना और उन्हें पंजाब के समृद्ध सैन्य इतिहास से परिचित कराना है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा इस कार्यक्रम के 2017 से शुरू होने के बाद से अब तक निजि तौर पर इसकी सफलता सुनिश्चित करने हेतु उनके द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की।
एमएलएफ जोकि पश्चिमी कमान के सहयोग से प्रतिष्ठित सैन्य इतिहासकार और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब के राज्यपाल वी. पी. सिंह बदनौर की संयुक्त पहल है, अपने शानदार तीसरे वर्ष में प्रवेश कर गया है।
13 से 15 दिसंबर तक तीन दिन चलने वाला यह मुख्य कार्यक्रम, रक्षा कर्मियों के जीवन की एक दुर्लभ झलक पेश करने के अलावा अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर विचारों के उदार, समावेशी और प्रेरणापूर्ण आदान-प्रदान के लिए एक अनुकूल मंच प्रदान करेगा।

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