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मालिकों को गुड़-शक्कर की गुणवत्ता और साफ़-सफ़ाई संबंधी दिया जा रहा है प्रशिक्षण-पन्नू

khaskhabar.com : सोमवार, 09 दिसम्बर 2019 9:53 PM (IST)
मालिकों को गुड़-शक्कर की गुणवत्ता और साफ़-सफ़ाई संबंधी दिया जा रहा है प्रशिक्षण-पन्नू
चंडीगढ़। पंजाब में सर्दियों के सीजन के दौरान सडक़ों के किनारे हज़ारों की संख्या में गुड़ बनाने वाली इकाईयां लगाई जाती हैं जहां जागरूकता की कमी के कारण उत्पादों की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए मार्केट में मानक उत्पाद यकीनी बनाने के लिए तंदुरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत, बिना रसायनों के जैविक तरीके से गुड़ /शक्कर बनाने सम्बन्धी इन गुड़ निर्माण इकाई मालिकों को सुझाव दिए जा रहे हैं। यह जानकारी तंदुरुस्त पंजाब मिशन के डायरेक्टर स. काहन सिंह पन्नू ने दी।
उन्होंने बताया कि उत्पादों के मानक और साफ़ -सफ़ाई को बनाए रखने के लिए पिछले साल के दौरान भी पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी द्वारा प्रशिक्षण दिया गया था, जिसमें 600 गुड़ निर्माण इकाई मालिकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसी तरह मौजूदा सीजन के दौरान लगभग 200 गुड़ निर्माण इकाई मालिकों को प्रशिक्षण दिया गया और गुड़ निर्माण इकाई मालिकों के लिए यह प्रशिक्षण प्रोग्राम निरंतर जारी है।
स. पन्नू ने कहा कि इस प्रशिक्षण के दौरान उत्पाद की गुणवत्ता और साफ़ -सफ़ाई बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और गुड़ निर्माण इकाई मालिकों को बिना रसायनों के जैविक तरीके से गुड़ /शक्कर बनाने संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह देखने में आया है कि इन गुड़ निर्माण इकाईयों पर जो गुड़ /शक्कर की बिक्री की जाती है वह खुले में सडक़ों के किनारे रख कर की जाती है, जहां वाहनों का धुआं और धूल-मिट्टी लगातार इन उत्पादों पर पड़ती रहती है। इसके अलावा सर्दियों में मीठे उत्पादों पर मक्खियों का प्रकोप भी बढ़ जाता है, जिससे उत्पाद के मानक पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए सभी कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह गुड़ निर्माण इकाई मालिकों को अपने उत्पाद सडक़ों के किनारे शीशे या प्लास्टिक के पारदर्शी हवा बंद डिब्बों में रखने के लिए प्रेरित करें और सरकार द्वारा उत्पादों के मानक को बढ़ाने सम्बन्धी दिया जा रहा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए उनको उत्साहित करें। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ गुड़ निर्माण इकाईयों के उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि उत्पादों के बेहतर मंडीकरण से गुड़ निर्माण इकाई मालिकों की आय में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आगे जाकर यह परम्परागत गांव स्तरीय गतिविधि कुुशल उद्यम में अपग्रेड होगी जिससे गुड़ निर्माण इकाईयों द्वारा सुरक्षित और साफ़ -सुथरे ढंग से तैयार किए गए गुड़ उत्पाद खपतकारों के लिए उपलब्ध करवाए जा सकें।

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