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Oct 14, 2019 7:51 am
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हरियाणा चुनाव विशेष - 90 सीटों पर अब कुल 1168 प्रत्याशी

khaskhabar.com : बुधवार, 09 अक्टूबर 2019 2:38 PM (IST)
हरियाणा चुनाव विशेष - 90 सीटों पर अब कुल 1168 प्रत्याशी
निशा शर्मा

चंडीगढ़
। हरियाणा में 90 सीटों पर अब 1,168 योद्धा चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं. कुल 1,846 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए थे. सभी सीटों के लिए 21 अक्तूबर को मतदान होगा और 24 को चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे । राज्य के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रजीत के मुताबिक सबसे ज्यादा 118 उम्मीदवार हिसार और सबसे कम 27 उम्मीदवार दादरी जिले में चुनाव लड़ रहे हैं । इसके अलावा सोनीपत जिले में 72, भिवानी जिले में 71 और फरीदाबाद जिले में 69 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं ।
भाजपा से बगावत कर मैदान में उतरने वाले ज्यादातर उम्मीदवारों को पार्टी ने मना लिया है । लेकिन रेवाड़ी सीट से बतौर आज़ाद उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे रणधीर सिंह कापड़ीवासने तमाम मान मनोव्वल के बावजूद मैदान से हटने से मना कर दिया है । पिछले चुनाव में आज़ाद उम्मीदवार के तौर पर जीते चारों विधायकों दिनेश कौशिक, जसबीर देशवाल, रविंद्र मछरौली और रईस खान भाजपा में शामिल हो गए थे, लेकिन टिकट न मिलने से खफा दिनेश कौशिक पुंडरी, रविंद्र मछरौली समालखा, जसबीर देसवाल सफीदों और रईस खान पुन्हाना से फिर निर्दलीय लड़ रहे हैं. भाजपा नेताओं की तरफ से चुनाव से हट जाने के अनुरोध का इन पर कोई असर नहीं हुआ है।
टिकट नहीं मिलने पर बगावत कर मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों में कांग्रेसी ज्यादा हैं. इनमें अंबाला कैंट में चित्रा सरवारा, अंबाला सिटी में निर्मल सिंह, सफीदों में कर्मवीर सैनी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. इसके अलावा कांग्रेस से बागी हुए नरेश सेलवाल उकलाना, रामनिवास घोड़ेला बरवाला और रणजीत सिंह रानियां से लड़ रहे हैं. पार्टी से बगावत कर जहां देवेंद्र बबली टोहना, सतपाल सांगवान दादरी और ईश्वर सिंह गुहला से जननायक जनता पार्टी (जजपा) के टिकट पर मैदान में उतरे हैं, वहीं दूडा राम भाजपा के टिकट से फतेहाबाद से लड़ रहे हैं ।
देखना यह है कि भाजपा 'इस बार अपने 75 पार' के नारे को सही साबित कर पाती है या नहीं. यह भी देखना है कि कांग्रेस सत्ता में वापसी के अपने दावे पर कितना खरा उतर पाती है । इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के सामने इस दफा अपने अस्तित्व को बचाने की चुनौती है. इनेलो से अलग हो कर पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में बनी नई पार्टी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) को भी अपना दमखम दिखाना है । क्या होगा, यह तो 24 अक्टूबर को ही साफ़ हो पाएगा ।

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