The Congress MLA of Rajasthan took pleasure in the enclosure, the bureaucracy breathed a sigh of relief,-m.khaskhabar.com
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Sep 22, 2020 5:33 pm
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राजस्थान के कांग्रेसी विधायक बाड़ेबंदी में मस्त, ब्यूरोक्रेसी ने ली राहत की सांस, आखिर क्यों, यहां पढ़ें

khaskhabar.com : मंगलवार, 04 अगस्त 2020 2:37 PM (IST)
राजस्थान के कांग्रेसी विधायक बाड़ेबंदी में मस्त, ब्यूरोक्रेसी ने ली राहत की सांस, आखिर क्यों, यहां पढ़ें
जयपुर । राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थक विधायकों और मंत्रियों के बाड़ेबंदी में होने की वजह से ब्यूरोक्रेसी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी राहत में है। इसके अलावा सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा के मंत्रीपद से बर्खास्त होने पर भी ब्यूरोक्रेसी ने राहत ली है।

आपको बता दे कि गहलोत समर्थक 102 विधायक जैसलमेर के सूर्यागढ़ होटल में है, जबकि पायलट समर्थक 19 विधायक हरियाणा के मानेसर में किसी होटल में है। साथ ही 13 अगस्त तक ही कांग्रेस विधायक जयपुर पहुंचेंगे। जिससे कि 14 अगस्त से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र में भाग ले सके।
लेकिन इन दिनों शासन सचिवालय में बैठे आलाअफसर और जिलों में बैठें कलेक्टर और एसपी भी राहत की सांस ले रहे है। आए दिन स्थानीय विधायक किसी ना किसी कार्य को लेकर जिला कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस आ धमकते थे, लेकिन अब कांग्रेसी विधायक बा़ड़ेबंदी में कैद है। इससे जिला कलेक्टर से लेकर एसडीएम थोड़ा राहत की सांस ले रहे है।

वहीं शासन सचिवालय में आए दिन खुद की सत्ता का हवाला देकर आईएएस अफसरों के ऑफिस जाने वाले कांग्रेसी विधायकों के बाड़ेबंदी में कैद होने से भी यहां थोड़ा सकून है। आईएएस अफसर भी इन दिनों सिर्फ मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अलावा अन्य कोई नया कार्य नहीं कर रहे है। मुख्यमंत्री की वीसी के अलावा आईएएस अफसरों ना तो कोई नये प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे है, ना ही सिर्फ कोई खुद के स्तर पर कोई निर्णय कर रहे है।

अगर बात करे बर्खास्त मंत्री सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा के विभागों के अफसरों की, तो यहां से संबंधित आईएएस अफसर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी खुश है। नहीं, तो आए दिन विश्वेंद्र सिंह ट्विटर पर पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निशाने पर ले लेते थे। यही हाल रमेश मीणा का था, कैबिनेट सब कमेटी हो, या खाद्य विभाग के जरिये छापेमारी का मामला, खुद के सचिव को बिन बताए ही अपने स्तर पर छापेमारी करवा देते थे। इसके अलावा सचिन पायलट जो पीसीसी चीफ होने के नाते उपमुख्यमंत्री थे, उनके पास सार्वजनिक निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। यह भी दबे स्वर कई अफसर खुश हो रहे है।

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