State Vigilance Bureau report 4-year report card-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Nov 16, 2018 3:30 am
Location
Advertisement

राज्य चौकसी ब्यूरो का 4 साल का रिपोर्ट कार्ड, यहां पढ़ें

khaskhabar.com : गुरुवार, 08 नवम्बर 2018 6:09 PM (IST)
राज्य चौकसी ब्यूरो का 4 साल का रिपोर्ट कार्ड, यहां पढ़ें
चंडीगढ़ । हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो ने 26 अक्टूबर, 2014 से अक्टूबर 18, 2018 की अवधि के दौरान 542 जांचें दर्ज की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस अवधि के दौरान 338 जांचों को अंतिम रूप दिया गया है। इन जांचों के आधार पर, 62 राजपत्रित अधिकारियों, 58 गैर राजपत्रित अधिकारी और 74 अन्य और 119 जाचों में अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हेतू 54 आपराधिक मामलों की सिफारिश की गई है। 18 जांचों में आपराधिक और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई।

उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ जांच मामलों सहित 530 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। इस अवधि के दौरान, ब्यूरो ने 426 छापे किए जिसमें रिश्वत लेते हुए 40 राजपत्रित अधिकारी, 411 गैर राजपत्रित अधिकारी और 57 अन्य व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। भ्रष्टाचार अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 13 के तहत आपराधिक मामलों को ब्यूरो के पुलिस स्टेशनों में उनके खिलाफ पंजीकृत किया गया है।

उन्होंने कहा कि 26 अक्टूबर, 2014 से 18 अक्टूबर, 2018 की अवधि के दौरान, एक्सईन स्तर के अधिकारियों की अध्यक्षता में ब्यूरो के तकनीकी शाखा ने पूरे राज्य में 362 आंकलन किए। इन चेकिंग के आधार पर, ब्यूरो ने 14.45 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के साथ विभिन्न विभागों के 552 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।

इस अवधि के दौरान, अदालतों द्वारा 139 मामलों का निर्णय लिया गया है, जिसमें 152 अधिकारी व कर्मचारियों और 47 अन्य निजी व्यक्तियों को ब्यूरो द्वारा दायर मामलों में भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988 के विभिन्न वर्गों के तहत दोषी पाया गया है।

जिन लोगों की सजा सुनाई गई उनमें राजस्व विभाग के 30 अधिकारी, पुलिस विभाग के 28, शिक्षा विभाग के 16, बिजली विभाग के 14, सहकारिता विभाग के 10, स्वास्थ्य विभाग के आठ, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के सात, जनस्वास्थ्य विभाग के पांच, परिवहन और सिंचाई विभाग के चार-चार, पशुपालन एवं डेयरी, हुड्डा और कृषि विभाग के तीन-तीन, पंचायती राज, श्रम, वक्फ बोर्ड, खजाना, उत्पाद शुल्क और कराधान और उद्योग विभागों के दो-दो और खाद्य और नागरिक आपूर्ति, सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग, खेल और युवा मामलों, विकास और पंचायत और न्याय प्रशासन का एक -एक है।

उन्होंने कहा कि दोषी व्यक्तियों की सबसे ज्यादा संख्या राजस्व, पुलिस, शिक्षा और बिजली विभागों से संबंधित है। इन मामलों में, अदालतों द्वारा पांच साल तक जेल की सजा सुनाई गई है। ब्यूरो भ्रष्ट अधिकारियों को रंगे-हाथ, आपराधिक मामलों की प्रभावी और पूरी तरह से जांच करने पर जोर दे रहा है ताकि अधिकतम दृढ़ विश्वास सुरक्षित हो सकें और भ्रष्ट अधिकारियों को पकडा जा सके।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य - शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar Haryana Facebook Page:
Advertisement
Advertisement