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दिव्यांगजनों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक और विदेशी छात्रवृत्ति शुरू की

khaskhabar.com : शुक्रवार, 22 सितम्बर 2017 7:44 PM (IST)
दिव्यांगजनों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक और विदेशी छात्रवृत्ति शुरू की
रेवाड़ी । केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा है कि पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाये गये हैं। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक पंहुचाने के लिए दिव्यांगजनों की श्रेणियां 7 से बढ़ाकर 21 कर दी गई हैं। पहली बार दिव्यांगजनों के लिए प्री-मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक और विदेशी छात्रवृत्ति शुरू की गई है। दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण और उच्च शिक्षा में पांच प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
कृष्ण पाल गुर्जर रेवाड़ी में आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर एवं नि:शुल्क सहायता उपकरण वितरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 388 दिव्यांगजनों को 37 लाख 50 हजार रुपये के सहायक उपकरण प्रदान किये। उन्होंने बताया कि अब तक देश में इस प्रकार के पांच हजार से अधिक शिविर लगाये जा चुके हैं और आठ लाख दिव्यांगों को सहायक उपकरण व कृत्रिम अंग प्रदान किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पोटिज्म, सेरेबर्ल पालिसी, मंद्धबुद्धि और अनेक अशक्तताओं से जूझ रहे लोगों के कल्याण के लिए सरकार अनेक कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि बौद्धिक और विकास की दृष्टि से अशक्त लोगों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना जरूरी है और ऊंचे संकल्प के साथ यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। लोक सेवा आयोग की परीक्षा की टॉपर तथा पैराओलम्पिक खेलों में चार पदक जीतने वाले दिव्यांग ही थे।
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि जिसने जन्म लिया है, उसे सम्मान से जीने का पूरा अधिकार है। दिव्यांगजन किसी पर बोझ न बनें इसलिए उनके कल्याण के लिए मोदी सरकार ने अनेक कदम उठाये हैं और उनको सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा में लाने का काम किया जा रहा है। नौकरियों में दिव्यांगजनों के बैकलॉक को पूरा किया जा रहा है तथा इसके तहत अब तक 13 हजार 500 लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जो 80 प्रतिशत दिव्यांग हैं उनको बैट्री की मोटरसाईकिल प्रदान की जाएगी ताकि वे स्कूल, नौकरियों, दूध, अखबार वितरण जैसे कार्य करके अपने आप को स्वावलंबी बना सकें। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष तक के मूक-बधिर बच्चों के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय छ: लाख रूपये खर्च करके कोकलीयर इम्प्लांट करवाता है। अब तक 800 बच्चों का कोकलीयर इम्प्लांट करवाया जा चुका है।
विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के परीक्षण शिविर अधिक से अधिक लगाये जाएं ताकि दिव्यांगजनों को इनका लाभ मिल सके । उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं और हमें उन सबको साथ लेकर आगे बढऩा है।

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