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‘राहुल गांधी खुद उतरे मैदान में, क्या गहलोत-पायलट-सीपी जोशी पर नहीं रहा विश्वास’

khaskhabar.com : गुरुवार, 09 अगस्त 2018 9:13 PM (IST)
‘राहुल गांधी खुद उतरे मैदान में, क्या गहलोत-पायलट-सीपी जोशी पर नहीं रहा विश्वास’
प्रतापगढ़/छोटी सादड़ी/चित्तौडगढ़/अनगढ बाउजी/जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्या राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और सीपी जोशी को इतना कमजोर मानते हैं, जो उन्हें खुद का ही चुनावी चेहरा घोषित करना पड़ गया। इससे तो यही लगता है कि कांग्रेस के पास राजस्थान में कोई काबिल चेहरा ही नहीं है। यह कहना है राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का।
मुख्यमंत्री राजे राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान छोटी सादड़ी में विशाल जनसभा को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राहुल के राजस्थान में चुनावी चेहरा बनने से यह भी साफ हो गया है कि कांग्रेस भाजपा से बुरी तरह घबरा गई है और हार के डर से उसने राहुल को राजस्थान चुनाव का चेहरा बनाया है, लेकिन कांग्रेस को यहां कामयाबी मिलने वाली नहीं है। इस दौरान मुख्यमंत्री राजे ने निम्बाहेड़ा विधानसभा क्षेत्र में हुए 67 करोड़ के 16 कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया।

ये वही राहुल हैं जो निम्बाहेड़ा को ही मध्यप्रदेश समझते हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही राहुल हैं, जो एक बार मोटरसाइकिल पर सवार होकर मध्यप्रदेश के लिए निकले तो निम्बाहेड़ा को ही मध्यप्रदेश समझकर सभा करने लगे। किसी ने बताया, सर ये मध्यप्रदेश नहीं, राजस्थान है। अब बताओ क्या ऐसा नेता राज्य में चुनाव लड़ेगा, जिसको पता नहीं कि निम्बाहेड़ा, बांसवाड़ा चित्तौड़गढ़, झालावाड़ और कोटा कहां और किस दिशा में हैं।

चुनाव के वक्त ही याद आए राहुल को मंदिर

मुख्यमंत्री ने छोटी सादड़ी, चित्तौड़गढ़ और कपासन विधानसभा क्षेत्र के अनगढ़ बाउजी गांव में सभाओं को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि राहुल गांधी 11 अगस्त को जयपुर आ रहे हैं। वे गोविंददेवजी और मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में दर्शन करेंगे। ये अच्छी बात है, लेकिन आज ही आज चुनाव के वक्त राहुल को गोविंद देवजी और मोती डूंगरी गणेश जी क्यों याद आ रहे हैं। वे पहले भी तो कई बार जयपुर आ चुके हैं। उनकी तो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में ताजपोशी भी जयपुर में ही हुई थी। तब तो वे किसी मंदिर में नहीं गए। आज ही आज अचानक उन्हें भगवान कैसे याद आ गए? जबकि कांग्रेस के नेता तो मुझ पर सवाल उठाते आए हैं कि मैं मंदिर बहुत जाती हूं। चलो अच्छा है भाजपा ने राहुल को मंदिर जाना तो सिखा दिया।



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