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लोहड़ी के उल्लास में डूबे लोग

khaskhabar.com : शनिवार, 12 जनवरी 2019 9:57 PM (IST)
लोहड़ी के उल्लास में डूबे लोग
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के निचले क्षेत्रों खासकर कांगड़ा घाटी व पंजाब में आज लोहड़ी का पर्व बड़े उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कांगड़ा घाटी में लोहड़ी की धूम है। इस त्यौहार को अपने अपने रिती रिवाजों के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर ‘सुंदरिये मुंदरिये हो दूल्हा भट्ठी वाला हो‘ जैसे पांरपरिक गीत को घर-घर सुनाकर बच्चे लोहड़ी मांगने के साथ साथ मकर सक्रांति का संदेश भी देते हैं।

बच्चे टोलियों नाचते गाते झूमते घर घर जाकर ऋतु परिवर्तन का संदेश देते हैं। गलियों बाजारों में अलग नजारा देखने को मिलता है। लोहड़ी के त्यौहार पर लोहड़ी गीतों का विशिष्ट महत्त्व रहता है। इसके बिना लोहड़ी आधी-अधूरी मानी जाती है, यह लोक गीत हमारी पंरपरा की अमिट पहचान हैं। लडक़ों की अपेक्षा लड़कियों के गीत अधिक मार्मिक और हृदयस्पर्शी होते हैं।

मकर सक्रांति की पूर्व संध्या पर अतीत से ही लोहड़ी मनाने की परंपरा जहां पूरे देश और प्रदेश में प्रचलित है वहीं पर कांगड़ा जिला के धरोहर गांव प्रागपुर में मनाया जाने वाला लोहड़ी पर्व की समूचे उत्तरी भारत में अलग पहचान है। कांगड़ा जिले के परागपुर धरोहर गांव का इतिहास 550 वर्ष पुराना है, जिसका नामकरण तत्कालीन जसवां रियासत की राजकुमारी पराग के नाम पर किया गया था। इस धरोहर गांव की गणना पर्यटन जगत के विख्यात धरोहर गंतव्य स्थलों में की जाती है, जहां देश के इस प्राचीनतम गांव को देाने के लिए हर वर्ष बड़ी संया में पर्यटक आते हैं।

प्रागपुर की लोहड़ी कालांतर से बड़े परंपरागत ढंग से मनाई जाती है, इस दिन सभी लोग एक जगह एकत्रित होकर लकडिय़ां जलाकर उसके चारों ओर बैठकर खुशी के तराने गुनगुनाते हैं इसके साथ ही सुख समृद्घि और खुशहाली के लिए तिल-चौली बनाना, तिल-अलसी, शक्कर मिश्रित लड्डू बनाना, मक्की के दाणे उबालना प्रसिद्घ है। अग्नि पूजा का लोहड़ी में विशेष महत्व रहता है। अग्नि में लोहड़ी पर बने अनेक पकवान भेंट कर उसे प्रसन्न करके ही बांटने-खाने की परपरा है। इसके साथ ही दूल्हा भट्ठी की कहानी का भी बखान करते हैं। प्रागपुर की लोहड़ी के प्राचीन महत्व को मध्येनजर रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा इसे राज्य स्तरीय मेले का दर्जा प्रदान किया गया है ताकि मेले में सांस्कृतिक इत्यादि गतिविधियों को शामिल करके और आकर्षक बनाया जा सके।

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