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Aug 14, 2022 6:55 am
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पटना में अब लीजिए मरीन ड्राइव का आनंद, नीतीश ने किया जेपी गंगा पथ का लोकार्पण

khaskhabar.com : शनिवार, 25 जून 2022 08:11 AM (IST)
पटना में अब लीजिए मरीन ड्राइव का आनंद, नीतीश ने किया जेपी गंगा पथ का लोकार्पण
पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को जेपी गंगा पथ का लोकार्पण कर पटना के लोगों को बड़ी सौगात दी है। गंगा पथ मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनाया गया है।

मुख्यमंत्री पटना में तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं- 3,831 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले जेपी गंगा पथ के ( दीघा से पटना चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल तक), 69.55 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अटल पथ फेज-2 एवं 23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेलवे ऊपरी पुल के मीठापुर छोर का लोकार्पण किया।

सबसे पहले मुख्यमंत्री ने मीठापुर आरओबी जाकर 23 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित रेलवे ऊपरी पुल का लोकार्पण किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने अटल पथ फेज-2 के शिलापट्ट का अनावरण कर जनता को समर्पित किया। 3831 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले जेपी गंगा पथ के पथांश के लोकार्पण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी गंगा पथ के एक हिस्से का उद्घाटन हो रहा है। जेपी के जन्मदिवस पर वर्ष 2013 के 11 अक्टूबर को इस काम की शुरूआत की गयी थी। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने इस काम को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए अनेक तरीके से प्रयास किये।

पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जेपी गंगा पथ फेज-1 के शेष हिस्से का निर्माण कार्य अगले साल के अंत तक यानी वर्ष 2024 के शुरूआत में बनकर पूरे तौर पर तैयार हो जाएगा।

जेपी गंगा पथ बनने से पर्यटन का विकास होगा तो लोग यहां बाहर से आएँगे। इससे बहुत सुविधाएं बढ़ गई हैं। अब नदी के किनारे कितना सुंदर देखने में लग रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मीठापुर आरओबी के काम में काफी दिनों से हमलोग लगे हुए थे जो रुका हुआ था, वो भी अब पूर्ण हो गया है। अटल पथ का भी विस्तार हो गया है। जेपी गंगा पथ का जो बचा हुआ हिस्सा है, उसे पूरा किया जाएगा। इसके बाद दोनों तरफ इसका विस्तार करेंगे।

उन्होंने कहा कि पटना का पुराना नाम पाटलिपुत्र है। ये सब जब बनकर तैयार हो जाएगा तो नई पीढ़ी के लोग ढाई हजार साल पुराने इतिहास को भी याद कर सकेंगे। पुराने इतिहास को ध्यान में रखते हुए भी हमलोग काम कर रहे हैं। जरूरत पड़ी तो खुदाई भी करायेंगे ताकि पुराने इतिहास से लोग अवगत हो सकें।

--आईएएनएस

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