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विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में निर्णय 10 दिसम्बर को कोर्ट सुनाएगा

khaskhabar.com : बुधवार, 12 सितम्बर 2018 8:50 PM (IST)
विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में निर्णय 10 दिसम्बर को कोर्ट सुनाएगा
नई दिल्ली। भारत के बैंकों का करीब 9 हजार रुपये लेकर भागने के आरोपी शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में बुधवार को ब्रिटेन की न्यायालय में सुनवाई हुई। लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा कि 10 दिसंबर को इस मामले में निर्णय सुनाएगा। अगर न्यायालय माल्या के प्रत्यर्पण का अनुमति दे देती है तो इसके बाद मामला ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के पास जाएगा। यहां से माल्या के प्रत्यर्पण की अनुमति पर निर्णय होगा। यदि निर्णय माल्या के खिलाफ आएगा तो वह ऊंची अदालत में इसे चुनौती भी दे सकता है।

इससे पहले भारत के बैंकों से करोड़ों का कर्ज लेकर विदेश भाग गए शराब कारोबारी विजय माल्या बुधवार को लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट ने उनकी पेशी प्रत्यर्पण मामले में लेकर सुनवाई की। कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारत के अधिकारियों की ओर से मुंबई की आर्थर रोड जेल में माल्या के लिए की गई तैयारी का वीडियो देखाया गया और समीक्षा की गई। वेस्टमिंस्टर कोर्ट के जजों ने बार-बार तीन बैरक का वीडियो देखा। इस सुनवाई के दौरान माल्या के वकील ने अदालत में बताया कि किंगफिशर को एक कामयाब कंपनी मानते हुए उसके लिए कर्ज बैंकों से लिया गया।

वकील ने बताया कि किंगफिशर की घटना साधारण और ईमानदार कारोबारी नाकामी है। वकील ने दावा करते हुए कहा कि माल्या ने जो कुछ भी किया वह ब्रिटेन में आपराधिक कृत्य नहीं माना गया है। माल्या के वकील ने अपील करते हुए कहा कि बैरक का वीडियो कोर्ट में नहीं दिखाएं। उसने अदालत से कहा कि किंगफिशर की प्रतिस्पर्धी कंपनियां भी वैश्विक मंदी के चलते घाटे में चल रही हैं।
न्यायालय में दाखिल होने से पहले माल्या ने पत्रकारों से कहा कि मैंने मामले के पूरी तरीके से सेटलमेंट के लिए कर्नाटक कोर्ट में आग्रह किया है। मुझे आशा है कि जज मेरे पक्ष में फैसला सुनाएंगे। उन्होंने कहा कि सारे हिसाब चुकता कर दूंगा और यही मेरा मकसद है। माल्या ने बताया कि आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों को किंगफिशर के घाटे के बारे में पूरी जानकारी थी। बैंक अधिकारियों के ई-मेल से साफ है कि घाटे के बारे में सरकार की ओर से लगाए गए आरोप सारे गलत है। लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट्स कोर्ट के बाहर माल्या ने बताया कि देश छोड़े जाने से पहले वित्त मंत्री से मुलाकात की थी। बैंकों के साथ निपटने के लिए मेरे प्रस्ताव को दोहराया।

आपको बताते जाए कि माल्या और उसके किंगफिशर एयरलाइंस और अन्य ने कई बैंकों से कर्ज ले रखा था। माल्या के खिलाफ ब्याज समेत 9,990 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बकाया चल रही है। ईडी और सीबीआई ने उसके खिलाफ कथित कर्ज अदायगी उल्लंघन मामले दर्ज किए हैं। नए कानून के तहत मामला लंबित रहने के दौरान आरोपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है और उसकी संपत्तियां जब्त करने की तैयारियां चल रही है।

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