Maharaja Bhupinder Singh Punjab Sports University to be set up at a cost of 500 crores-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Dec 4, 2020 7:29 pm
Location
Advertisement

500 करोड़ रुपए की लागत से होगी स्थापित महाराजा भूपिन्दर सिंह पंजाब खेल यूनिवर्सिटी

khaskhabar.com : शनिवार, 24 अक्टूबर 2020 1:23 PM (IST)
500 करोड़ रुपए की लागत से होगी स्थापित महाराजा भूपिन्दर सिंह पंजाब खेल यूनिवर्सिटी
चंडीगढ़ । पंजाब के समृद्ध खेल विरासत और खेल में पंजाब के दबदबे को फिर से कायम करने का सपना पटियाला में महाराजा भूपिन्दर सिंह पंजाब खेल यूनिवर्सिटी की स्थापना से साकार होने जा रहा है। लगभग 500 करोड़ रुपए की लागत से 92.7 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाली यूनिवर्सिटी की इमारत में अत्याधुनिक खेल, रिहायशी और अकादमिक सूविधाएं मुहैया करेगी।
पंजाब के खेल, युवक सेवाएं और प्रवासी भारतीय मामलों बारे मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने बताया किमुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की दूरदर्शी और रचनात्मक सोच स्वरूप गाँव सिद्धूवाल में पटियाला-भादसों रोड और राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के नज़दीक महाराजा भूपिन्दर सिंह पंजाब खेल यूनिवर्सिटी का अत्याधुनिक खेल सुविधाओं से लैस अपना कैंपस स्थापित करने के लिए 92.7 एकड़ ज़मीन ली गई।
इस मौके पर खेल मंत्री ने खेल यूनिवर्सिटी बारे मुकम्मल जानकारी देती एक पुस्तिका भी जारी की। उन्होंने कहा कि एम.बी.एस. पंजाब खेल यूनिवर्सिटी का नींव पत्थर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह 25 अक्तूबर को रखेंगे। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी का नक्शा लोक निर्माण विभाग के पंजाब के मुख्य आर्कीटैक्ट ने तैयार किया है।
राणा सोढी ने यह भी खुलासा किया कि 500 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत के साथ तैयार होने वाली इस यूनिवर्सिटी में खेल विज्ञान, खेल प्रौद्यौगिकी, खेल प्रबंधन और अंतर्राष्ट्रीय मापदण्डों वाली खेल कोचिंग के साथ खेल शिक्षा को उत्साहित करने के लिए विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और अकादमिक बुनियादी ढांचे वाला एक आधुनिक कैंपस स्थापित किया जायेगा। खेल मंत्री ने आगे कहा कि मौजूदा समय में यह यूनिवर्सिटी महेन्द्रा कोठी, पटियाला और गुरसेवक कॉलेज ऑफ फिजि़कल ऐजूकेशन, पटियाला में चल रही है और हाल ही में अपना पहला अकादमिक वर्ष पूरा किया है।


खेल मंत्री ने कहा कि एमबीएस पंजाब खेल यूनिवर्सिटी के विचार की कल्पना मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा की गई, जो ख़ुद एक बेमिसाल निशानेबाज़, खेल प्रेमी और पोलो खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने महसूस किया कि यदि पंजाब ने अपने खेल विरसे और दबदबे को फिर से कायम करना है तो पंजाब के लिए एक विशेष खेल यूनिवर्सिटी स्थापित करना अनिवार्य है और अब मुख्यमंत्री ने अपने सपने को अमली जामा पहनाया है।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य - शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar Punjab Facebook Page:
Advertisement
Advertisement