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AN-32 विमान हादसा : शहीद पंकज को नम आंखों से लोगों ने दी विदाई

khaskhabar.com : शनिवार, 22 जून 2019 10:03 AM (IST)
AN-32 विमान हादसा : शहीद पंकज को नम आंखों से लोगों ने दी विदाई
नई दिल्ली/सोनीपत। अरुणाचल प्रदेश में उड़ान के दौरान लापता एएन-32 विमान में सवार वायु सैनिक पंकज सांगवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार को हादसे के 18 दिन बाद उनके गांव कोहला पहुंचा। यहां वायुसेना ने सैनिक सम्मान के साथ शहीद पंकज सांगवान को अंतिम सलामी दी गई। लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। पंकज सांगवान हरियाणा के सोनीपत के कोहला गांव के रहने वाले थे। वे भारतीय वायुसेना के लापता विमान एएन-32 में सवार थे। इससे पहले शुक्रवार सुबह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शहीदों के शव को उनके घर भेजा गया हैं। गुरुवार को सभी शव बरामद कर लिए गए थे, जिसमें 7 शव क्षत-विक्षत हालत में मिले हैं।

गौरतलब है कि तीन जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद एएन-32 विमान अरुणाचल प्रदेश में लापता हो गया था। इस विमान में 8 क्रू मेंबर समेत 13 यात्री सवार थे।

एएन-32 विमान ने असम के जोरहाट से 3 जून को अरुणाचल प्रदेश के शि-योमी जिले के मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन उड़ान के 35 मिनट के भीतर जमीनी एजेंसियों से विमान का संपर्क टूट गया। 13 जून को भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने कहा था कि एएन-32 विमान के सभी 13 सवार मारे गए हैं और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।

वायुसेना ने शुक्रवार को कहा कि दुर्घटनाग्रस्त एएन-32 विमान का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) भी बरामद हो चुका है। भारतीय वायुसेना ने मृतकों की पहचान विंग कमांडर जी.एम. चार्ल्स, स्क्वॉड्रन लीडर एच. विनोद, फ्लाइट लेफ्टिनेंट आर. थापा, ए. तंवर, एस. मोहंती, एम. के. गर्ग, वारेंट ऑफिसर के. के. मिश्रा, सार्जेट अनूप कुमार, कॉरपोरल शेरिन, लीडिंग एयरक्राफ्ट मैन एस.के. सिंह व पंकज, नॉन कॉम्बेटेंट (इनरोल) पुताली और राजेश कुमार के रूप में की है।

वायु सेना ने मंगलवार को लापता वाहक के मलबे की पहचान की थी। यह लिपो से 16 किमी उत्तर में और समुद्र तल से 12,000 फीट की ऊंचाई पर था। मलबे का पता एमआई-17 हेलीकॉप्टर से आठ दिनों बाद एक तलाशी अभियान के बाद चला.इस विमान के तलाशी अभियान में मौसम किसी विलेन से कम नहीं था। कई बार खराब मौसम के कारण तलाशी अभियान रोक दिया गया। बचाव कार्य में चीता और एएलएच हेलिकॉप्टर्स मौजूद थे।

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