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Aug 12, 2020 6:15 am
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दुख की बात है एससी के लोग नहीं ले पा रहे सरकारी योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री

khaskhabar.com : शनिवार, 14 अप्रैल 2018 6:35 PM (IST)
दुख की बात है एससी के लोग नहीं ले पा रहे सरकारी योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री
कुरुक्षेत्र/चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लोगों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक तौर पर इस बात का विश्लेषण करें कि समाज के हित में किसने क्या किया है और कौन क्या कर रहा है। आप लोगों को समाज में जागरूकता उत्पन्न करनी है और किसी भी व्यक्ति के बहकावे में नहीं आना है। उन्होंने कहा कि आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 7 जिलों में अंतोदय भवनों का शुभारम्भ किया गया है, ताकि समाज के गरीब तबके को केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा शुरू की जा रही योजनाओं की जानकारी मिल सके और उनसे वे लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को कुरुक्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती में उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने जब संविधान लिखा, उस समय उन्हें भारत रत्न मिल जाना चाहिए था। पंडित जवाहर लाल नेहरू को भारत रत्न देने का फैसला 1955 में किया गया, जबकि वे उस समय देश के प्रधानमंत्री थे। इसी प्रकार इंदिरा गांधी को वर्ष 1971 में प्रधानमंत्री होते हुए भारत रत्न से नवाजा गया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल जिसने देश को राजनीतिक एकता के सूत्र में पिरोया और उनका वर्ष 1951 में सरदार वल्लभ पटेल का निधन हो गया। इसके उपरांत 39 वर्षों के बाद उन्हें भारत रत्न दिया गया। विपक्ष की उदासीनता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न की उपाधि 1991 में दी गई, जबकि उन्हें यह उपाधि संविधान लिखे जाने के तुरंत बाद दी जानी चाहिए थी।

बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर ने गरीब व्यक्ति के हित में अनेक कार्य किए। उन्होंने जनता की सेवा के लिए कानून मंत्री का पद भी त्याग दिया। डॉ. अंबे ने अपनी बुद्धधम्म पुस्तक छपवाने के लिए सरकार से वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया तो तत्कालिन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने प्रकाशन में सहयोग से मना कर दिया। इसके अतिरिक्त उस समय सरकार द्वारा किसी सरकारी कार्यक्रम की कमेटी में भी डॉ. अंबेडकर का नाम नहीं लिखा जाता था। डॉ. अंबेडकर किसी जाति, समुदाय, वर्ग के व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज-देश व मानवता के हितकारी थे। उन्होंने देश के गरीबों के कल्याण के लिए अनेक कार्य किए और इसी विचारधारा को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने आगे बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में लोगों को सरकारी योजना की जानकारी नहीं होती जो उनके कल्याण के लिए बनाई गई होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों को पायलट बनने के लिए सरकार द्वारा 20 लाख रुपए का लाभ प्रदान किया जाता है, लेकिन योजना की जानकारी नहीं होने से वे इसके लाभ से वंचित रह जाते हैं। इसी प्रकार सरकार द्वारा बाबा अंबेडकर नाम से मेडिकल शिक्षा योजना चलाई जा रही है, लेकिन दुख की बात है योजना की जानकारी न होने कारण अब तक प्रदेश का एक ही व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सका है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने समाज को शैक्षणिक, आर्थिक और एकता के लिए एक सूत्र में पिरोया है। पटेल ने देश की 550 रियासतों को देश शामिल करके देश को एकजुट बनाया है। इन सभी रियासतों ने बाबा भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में विश्वास व्यक्त किया और मन से इन सभी रियासतों ने देश को एक सूत्र में पिरोने में अपना योगदान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने विवाह शगुन योजना के तहत दी जा रही राशि को बढ़ाकर 51 हजार रुपए किया है, इसी प्रकार अदालती केसों में कानूनी वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए भी राशि बढ़ाकर 11 हजार रुपए की गई है। इसके अतिरिक्त सिलाई प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि वर्ष 1966 में हरियाणा बनने के बाद पहली बार प्रदेश को एक ईमानदार मुख्यमंत्री मिला है और जिन्होंने समस्त प्रदेश का एक सम्मान विकास किया है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में अंबेडकर चौक पर बाबा डॉ. भीमराव प्रतिमा लगाकर चौक का सौंदर्यकरण किया है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के प्रयासों से ही अंबेडकर भवन बनकर तैयार हुआ है। लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा एक-हरियाणवी एक का नारा देकर प्रदेश की ढाई करोड़ जनता को एक सूत्र में बांधने का काम किया है। जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समरसता का संदेश दिया और उसी परिपाटी को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने आगे बढ़ाने का काम किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेन्द्र सिंह, प्रधान सचिव अनिल यादव, पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की निदेशक गीता भारती, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की निदेशक गौरी परासर जोशी, उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया, जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, युवा भाजपा नेता गौरव बेदी, सुशील राणा, रविन्द्र सांगवान, रामपाल पाली, जयसिंह पाल, देवीदयाल शर्मा, राजपाल राणा, सुल्तान वाल्मीकि, श्यामलाल बागड़ी, ज्ञानचंद शर्मा सहित अन्य भाजपा नेता व गणमान्य लोग मौजूद थे।

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