Kanpur businessman Manish Gupta death case: CBI fails to find motive-m.khaskhabar.com
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May 17, 2022 3:41 pm
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कानपुर के बिजनेसमैन मनीष गुप्ता की मौत का मामला : सीबीआई मकसद खोजने में नाकाम

khaskhabar.com : बुधवार, 05 जनवरी 2022 11:38 AM (IST)
कानपुर के बिजनेसमैन मनीष गुप्ता की मौत का मामला : सीबीआई मकसद खोजने में नाकाम
कानपुर। पुलिस छापेमारी के दौरान गोरखपुर के एक होटल में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की रहस्यमयी मौत की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम को अपराध के पीछे कोई मकसद नहीं मिला है। सूत्रों ने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों पर अब गैर इरादतन हत्या का आरोप लग सकता है।

सीबीआई की टीम ने मामले की विस्तृत जांच की, सबूत जुटाए और पुलिस छापेमारी के दौरान होटल के कमरे में मौजूद मृतक कानपुर के व्यापारी के दोस्तों के बयान दर्ज किए, लेकिन सीबीआई को हत्या करने का कोई मकसद नजर नहीं आया।

सीबीआई ने जांच में पाया कि पुलिसकर्मियों की व्यवसायी के साथ तीखी बहस हुई थी, बहस में बल का प्रयोग करने के दौरान व्यवसायी जमीन में गिर गया और तब उसके सिर में चोट लग गई थी।

हालांकि, जांच में पुलिसकर्मियों द्वारा 'शक्ति के अत्यधिक उपयोग' करने के सबूत मिले हैं और जल्द मामले में चार्जशीट पेश की जाएगी।

सीबीआई टीम ने पाया कि पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग के बाद व्यापारी की मौत हुई। सीबीआई ने दो नवंबर को शुरू में छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था, जिनमें तीन नामजद और तीन अज्ञात थे।

ज्ञात हो कि 27 सितंबर को रामगढ़ ताल निरीक्षक जेएन. सिंह, फलमंडी थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अक्षय मिश्रा, विजय यादव और तीन अन्य पुलिसकर्मी वह कथित तौर पर होटल के उस कमरे में घुसे, जहां कारोबारी मनीष गुप्ता अपने दोस्तों के साथ ठहरे हुए थे।

पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर एक तर्क के बाद उनकी पिटाई कर दी, जिसके बाद गुप्ता की मौत हो गई। सभी पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद वह जेल में हैं।

मामले में एक सीबीआई अधिकारी ने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा घटना की जांच की गई। सभी आरोपी पुलिसकर्मियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी चेक किए गए ताकि पता चल सके कि उनका पीड़ित से कोई पूर्व संबंध था या नहीं, लेकिन ऐसा उनके साथ कोई संबंध नहीं मिला।

सीबीआई की टीम गुप्ता के दोस्तों प्रदीप चौहान और हरदीप चौहान को भी होटल ले गई और उनके बयानों के आधार पर अपराध के दृश्यों को फिर दोहराया ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में उस दिन कमरे के अंदर क्या हुआ था।

अधिकारी ने आगे कहा कि जांच एजेंसी, हालांकि, गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेगी जिन्होंने व्यापारी की मौत पर टिप्पणी की थी।

--आईएएनएस

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