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विश्व में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति एक सुलभ, प्रभावी एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति-राठौड़

khaskhabar.com : मंगलवार, 10 अप्रैल 2018 11:00 PM (IST)
विश्व में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति एक सुलभ, प्रभावी एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति-राठौड़
चूरू। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि विश्व में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति एक सुलभ, प्रभावी एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वैज्ञानिक प्रमाणिकता प्रदान की गई है। राठौड़ मंगलवार को चूरू जिला मुख्यालय स्थित नगरश्री संस्थान में शेखावाटी मेडिकल एशोसियेशन संघ के तत्वावधान में डॉ. हैनिमन की 263वीं जयंति के अवसर पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनिमन के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में प्रथम बार आयुष मंत्रालय का गठन कर आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति को पहचान देने का महत्ती प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति भारतीय संस्कृति से जुड़ी चिकित्सा पद्धति है जिस पर विश्व अनुसंधान में जुटा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के घरेलू नुस्खों का प्रयोग कर बीमारियों का ईलाज किया जा रहा है।पंचायती राज मंत्री ने कहा कि राजस्थान में विश्व का प्रथम होम्योपैथी विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है तथा वर्तमान में 900 होम्योपैथी चिकित्सक कार्यरत है तो असाध्य रोगों का सस्ता एवं कारगर ईलाज कर रहे है।समारोह में पूर्व कुलपति डॉ. लोकेश शेखावत ने राजस्थान में विश्व का प्रथम होम्योपैथी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए गौरव बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. हेनिमन ने ऎलोपैथी चिकित्सक के रूप में कार्य करते हुए होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति द्वारा जहर से जहर को खत्म करने का कारगर ईलाज संभव है।जिला प्रमुख हरलाल सहारण ने होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. अमरसिंह शेखावत द्वारा चूरू जिले में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए सराहना की। सभापति विजय कुमार शर्मा ने डॉ. हैनिमन के कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि होम्योपैथी से असाध्य बीमारियों को जड़ से खत्म किया जा सकता है। चूरू व्यापार मण्डल के अध्यक्ष विमल सारस्वत ने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को जीवन में अंगीकार करने की आवश्यकता जाहिर की। संघ के सचिव डॉ. वी.के. शर्मा ने डॉ. हैनिमन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।


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