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Dec 15, 2019 2:20 pm
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जीआरपी ने मासूम को डंडे से पीटा

khaskhabar.com : बुधवार, 30 जनवरी 2019 1:10 PM (IST)
जीआरपी ने मासूम को डंडे से पीटा
मुरादाबाद। जिले में जीआरपी पुलिस का बर्बरतापूर्ण चेहरा सामने आया है, जहां एक मासूम नाबालिग को डंडे से जमकर पीटा गया है। पुलिस की पिटाई से मासूम के जिस्म पर पड़े निशान जीआरपी पुलिस की बर्बरता बयां कर रहे हैं।
मामले का संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति ने बच्चे का मेडिकल परिक्षण कराने के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामला जनपद मुरादाबाद के जीआरपी थाना क्षेत्र का है, जहां स्टेशन पर कक्षा दो में पढ़ने वाला एक 12 वर्षीय मासूम बच्चा पान मसाला बेच कर दो जून की रोटी का इंतजाम कर रहा था। तभी बच्चे को पान मसाला बेचते हुए जीआरपी पुलिस ने पकड़ लिया और उसे समझाने के बजाये उसकी डंडे से बर्बरतापूर्वक पिटाई कर दी।

मासूम पुलिस की पिटाई से तड़पता रहा, लेकिन जीआरपी पुलिस का दिल नहीं पसीजा और उसे मारते रहे। बाद में जीआरपी पुलिस ने इस बच्चे को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया।

कक्षा दो में पढ़ने वाला लक्षमण अपनी ऊपर हुई बर्बरता बयान करते हुए रो पड़ा, उसने बताया की उसके घर की माली हालत ठीक नहीं है। इसलिए वह स्कूल से वापस लौटते समय स्टेशन पर पान मसाला बेच कर कुछ पैसे इकठ्ठा कर घर में अपनी मां को देता है। उसने बताया कि सोमवार को भी वह मुरादाबाद के स्टेशन पर पान मसाला बेच रहा था, तभी एक पुलिस वाले ने उसे पकड़ लिया और डंडे से पिटाई कर दी।

पीड़ित मासूम लक्ष्मण ने बताया कि उसने उस पुलिसकर्मी से बहुत विनती की कि सभी सामान ले लें, मगर छोड़ दें, लेकिन वह लगातार डंडे से पीटता रहा।

इस मामले में बाल कल्याण समिति की सदस्या नीतू सक्सेना ने बताया कि 12 वर्ष के इस बच्चे का नाम लक्षमण है। यह जीआरपी को स्टेशन पर सोमवार को पान मसाला बेचते हुए मिला था, जिसके बाद जीआरपी ने इसे चाइल्ड लाइन को सौंपा था।

उन्होंने कहा, "चाइल्ड लाइन ने इसे मंगलवार को हमारे समक्ष पेश किया है जिसमें बच्चे ने बताया है कि वह पान मसाला बेच रहा था, जिसे पुलिस ने पकड़कर मारा-पीटा और उसके पैसे भी छीन लिए थे। बच्चे का मेडिकल परिक्षण कराया जा रहा है इसके बाद इसके दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।"

उन्होंने कहा कि यदि कोई अपराध कर भी रहा था तो उसे समझाया जा सकता था, लेकिन जीआरपी पुलिस को मानवता नहीं होनी चाहिए थी और उसके साथ मारपीट नहीं करनी थी।

--आईएएनएस

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