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पौधरोपण को जन आन्दोलन बनाने में प्रत्येक नागरिक करे सहयोग: गोविंद ठाकुर

khaskhabar.com : शुक्रवार, 19 जुलाई 2019 7:14 PM (IST)
पौधरोपण को जन आन्दोलन बनाने में प्रत्येक नागरिक करे सहयोग: गोविंद ठाकुर
शिमला। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि वन लगाना और इनका संरक्षण करना सभी नागरिकों की जिम्मेवारी है। कोई भी अभियान अधूरा है जब तक इसमें आम जनमानस की भागीदारी न हो। वह आज मण्डी के पनारसा में 70वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि थे।
वन मंत्री ने कहा कि जंगल जलवायु, भोजन और आजीविका के साधन हैं। प्रकृति ने हिमाचल प्रदेश को अपार वन संपदा से नवाजा है और हम सबका दायित्व है कि वनों को बचाया जाए और अधिक से अधिक भूमि को वन आवरण में तबदील किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 6 प्रतिशत क्षेत्र वन भूमि है। इसमें से 27.12 प्रतिशत परिक्षेत्र में वन हैं। उन्होंने कहा कि 5285 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र खुला है जिसमें वन लगाने की संभावना मौजूद है।
गोविंद सिंह ने कहा कि पौधरोपण का अभियान इस वर्ष 20 से 24 जुलाई तक पांच दिन चलेगा और इस दौरान 25 लाख पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौधरोपण में राज्य के अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा। विशेषकर स्कूली बच्चों, महिला व युवक मण्डलों तथा स्वंय सेवी संस्थानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
वन मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष पौधरोपण अभियान तीन दिनों तक चला और इस दौरान 17 लाख पौधे लगाए गए थे, जिनमें से 70 प्रतिशत जीवित हैं। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जितना जरूरी है, उतना ही इनकी देखभाल और जीवंतता सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के दौरान प्रदेश में 80 से 90 लाख तक पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिजनों के नाम से पौधा लगाना चाहिए और इसकी देखभाल भी करनी चाहिए।
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि पर्वतीय प्रदेशों में होने वाली दुर्घटनाओं में जान का काफी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा उपायों को प्रत्येक व्यक्ति को अपनाना चाहिए। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकांश मौतें 18 से 35 वर्ष आयु के युवाओं की होती है जो यातायात नियमों की पालना करने में कहीं न कहीं परहेज करते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि नियम काफी कडे़ हैं, लेकिन लोगों को सोच में बदलाव लाने की आवश्यकता है ताकि बे वजह जान से हाथ न धोना पड़े। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यातायात नियमों की पालना करें और दूसरों को भी ऐसा करने को कहें।

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