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May 30, 2020 1:48 am
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कोरोनावायरस - हरियाणा में लगभग 6500 बैड की व्यवस्था, आइसोलेशन के लिए 4000 बैड

khaskhabar.com : मंगलवार, 31 मार्च 2020 8:30 PM (IST)
कोरोनावायरस -  हरियाणा में लगभग 6500 बैड की व्यवस्था, आइसोलेशन के लिए 4000 बैड
चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई राष्ट्रीय स्तर के लॉकडाउन की अवधि की अनुपालना में हरियाणा सरकार ने समाज के सभी वर्गों चाहे वह प्रवासी मजदूर हो, गरीब परिवार हो, किसान हो, सरकारी कर्मचारी व व्यापारी हो या अन्य प्रबुद्ध व्यक्तियों सभी के बचाव के लिए अब तक समुचित कदम उठाए हैं। इस महामारी से बचाव का स्वयं को क्वारंटाइन में रखना व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना ही एकमात्र उपाय है।

मुख्यमंत्री यहां कोरोना वायरस के संबंध में उठाए गए कदमों के बारे जानकारी देने के लिए टेलीविजन के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घर में एकांत में रहकर अपनी दिनचर्या को इस ढंग से व्यवस्थित बनाएं कि हमारा मन अनुशासन में रहकर आने वाली 14 अप्रैल तक लॉकडाउन को सफल बनाकर देश के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत करें, जैसा कि 22 मार्च को जनता कफ्र्यू के दौरान हरियाणा की जनता ने दिया था। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान पिछले 7 दिनों से लोग अपने घरों में ही रह कर सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर रहे हैं, ऐसे सभी लोगों को मैं कहना चाहूंगा कि वे घरों में रहकर अपने मन पर किसी प्रकार की कठिनाई का अनुभव न होने दें बल्कि इस समय का सदुपयोग करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन को सफलतापूर्वक लागू करने और लोगों का आवागमन रोकने के लिए के लिए थोड़ी सख्ती भी की गई है, जिसके तहत राज्य और जिलों की सीमाएं सील की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन की समस्या भली-भांती समझती है, इसलिए लॉकडाउन अवधि के दौरान सरकार ने लोगों के घरों तक आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं को पहुंचाया है। इसके लिए आपूर्ति श्रंखला को मजबूत किया गया है और इसके लिए ऑनलाइन पास की भी व्यवस्था की है ताकि जो लोग आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने के कार्य में लगे हैं उनकी आवाजाही निर्बाध हो सके। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर-1075 और 1100 जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इलाज की व्यापक व्यवस्था की गई है। लगभग 6500 बैड की व्यवस्था की गई है और अस्पतालों में भी आइसोलेशन के लिए 4000 बैड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, जिलों में अलग से कोविड-19 अस्पताल भी बनाए जा रहे हैं ताकि किसी प्रकार की कोई गंभीर स्थिति होती है तो उनको अलग से दाखिल करके उनका इलाज किया जा सके और इस बीमारी को आगे फैलने से रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक 2 सरकारी टेस्टिंग लैब हैं, इकसे अलावा, 5 निजी टेस्टिंग लैब को भी अनुमति मिल गई, जिसमें से 1 लैब शुरू हो गई है और बाकी जल्दी शुरू होने वाली हैं। इसके साथ ही, सरकारी तौर पर भी टेस्टिंग लैब की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, करनाल मेडिकल कॉलेज, नलहड़ मेडिकल कॉलेज और पीजीआई, रोहतक में एक एक अलग से टेस्टिंग लैब बनाई जाने के लिए सरकार से अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि मेडिकल उपकरणों और दवाइयों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की है चाहे वह पीपीई किट हो, मास्क और सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करना हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लॉकडाउन के अनुपालना के दौरान गरीब परिवार और मजदूर वर्ग हैं, उनकी कठिनाई बड़ी है। इसलिए सरकार की ओर से उद्योग जगत के लोगों से कहा गया है कि मजदूरों को काम से न हटाएं और उनका वेतन दें। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र ऐसे बहुत से मजदूर जिनको अपने काम के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और उनकी इच्छा घर जाने की होने लगी है। ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों के लिए हमने रिलीफ कैंप स्थापित किए हैं। प्रदेशभर में 437 रिलीफ कैंप्स बनाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 70 हजार की है।

उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ स्वैच्छिक संस्थाएं भी लोगों की सेवाओं में लगी हैं। एनजीओ, सामाजिक संस्थाएं, धार्मिक संस्थाएं और प्रदेश में संपन्न ऐसे लोग हैं जो स्वयं सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। धार्मिक संस्थाओं ने अपने बड़े-बड़े भवन कैंप लगाने के लिए दिए हैं ताकि प्रवासी मजदूरों के लिए उनके भवनों का उपयोग कर सकें। इसके अलावा, ऐसे कैंपों में भोजना की व्यवस्था करने के लिए भी ये सभी संस्थाएं सेवा कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड भी बनाया है, जिसमें लोग बढ़-चढ़ कर अपना अपना योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की चिंता भी सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो, इसके फसल की कटाई के लिए लिए ट्रैक्टर और कंबाइन के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित किया है। इसके अलावा, इनकी वर्कशॉप को भी खुला रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए आवश्यक जितनी भी सेवाएं हैं वह लगातार चलती रहेंगी और किसान सरकार का पूरा सहयोग करें।


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