Chhattisgarh prisoners set up Vande Mataram Ucar record on timber-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Sep 25, 2018 11:46 am
Location
Advertisement

छत्तीसगढ़ में कैदियों ने लकड़ी पर ‘वंदेमातरम्’ उकेर रिकॉर्ड बनाया

khaskhabar.com : रविवार, 05 अगस्त 2018 7:21 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में कैदियों ने लकड़ी पर ‘वंदेमातरम्’ उकेर रिकॉर्ड बनाया
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कौशल विकास प्रशिक्षण के तहत बंदियों को भी विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे बंदियों को अपना हुनर विकसित करने में मदद मिल रहा है। जेल से छूटने के बाद इन बंदियों को अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अपने हुनर का इस्तेमाल कर वे अपना आर्थिक विकास करने में सक्षम होंगे।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के जिला जेल में बंदियों की ओर से काष्ठ कला के जरिए 36 फीट लंबी और 22 फीट चौड़ी लकड़ी पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदेमातरम्’ उकेरा है। यह काम किसी कलाप्रेमी या कलाकार ने नहीं, बल्कि जेल मे बंदियों ने किया है। कांकेर जेल के बंदियों की ओर से तैयार किए गए इस काष्ठ कला के नमूने को अमेरिका से प्रकाशित गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया है।

आइडियल छत्तीसगढ़ ग्लोबल ईडिफइंग फाउंडेशन के निदेशक नवल किशोर राठी ने बताया कि जो जैसा सोचता व करता है, वह वैसा ही बन जाता है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का लाभ बंदियों को देकर उनकी प्रकृति प्रदत्त प्रतिभा और रुचि के अनुरूप व्यावसायिक कौशल के विकास का अवसर दिला रहा है। यह पहल बंदियों को जेल में जहां एक ओर कौशल प्रशिक्षण में व्यस्त रखती है, वहीं उन्हें जेल से रिहा होने के बाद अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए किसी काम की चिंता से भी मुक्त कर देता है।

उन्होंने बताया कि इस काम में बंदियों को 15 दिन का समय लगा। कांकेर जेल में तैयार काष्ठ वस्तुओं की पहले से ही काफी मांग रही है। यहां के काष्ठशिल्पों को राष्ट्रपति भवन में भी जगह मिल चुकी है। राठी ने बताया कि कांकेर शहर के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में अपराधियों में सुधार की सोच से संचालित जिला जेल कांकेर में लगभग 400 कैदी सजा काट रहे हैं। अपराध के बाद जेल में न्यायिक प्रकरणों और अल्पावधि के कारावास के लिए बंदी कुछ समय इस जेल में बिताते हैं। आत्मसमर्पण कर चुकीं छह महिलाएं और 14 नक्सल प्रभावित महिलाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया।

तीन माह के इस प्रशिक्षण में उनके व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक सोच, कौशल विकास व मुख्य धारा से जोडऩे के साथ-साथ स्वरोजगार की सोच स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। सिलाई प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद सभी 20 महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए नि:शुल्क सिलाई मशीन का वितरण शासन की ओर से आयोजित जनकल्याणकारी मेले में कुशल हितग्राहियों को प्रदान किया गया।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement