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केंद्रीय योजनाओं का गांव, ढाणी स्तर पर हुआ गुणवत्ता पूर्वक कार्य

khaskhabar.com : सोमवार, 11 नवम्बर 2019 6:29 PM (IST)
केंद्रीय योजनाओं का गांव, ढाणी स्तर पर हुआ गुणवत्ता पूर्वक कार्य
जयपुर । प्रदेश में ग्रामीण विकास के कार्यक्रम एवं योजनाओं के कार्यान्वयन में मुद्दों को समझने एवं सुधार करने के लिए प्रदेश के 7 दिवसीय दौरे पर आये ग्रामीण विकास मंत्रालय के 5वें कॉमन रिव्यू मिशन के प्रतिनिधि मण्डल के सदस्यों ने भीलवाड़ा एवं जैसलमेर जिलों के महात्मा गांधी नरेगा योजना सहित अनेक योजनाओं का मौके पर जाकर जायजा लिया। टीम के सभी सदस्यों ने राजस्थान के भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार केन्द्रीय योजनाओं में गांव, ढ़ाणी स्तर पर विकास कार्य गुणवत्ता पूर्वक, उत्कृष्ट होने पर खुशी महसूस की। अधिकारियों को धन्यवाद दिया।

ग्रामीण विकास की योजनाओं का निरीक्षण एवं अध्ययन करने के पश्चात वापस लौटे पांच सदस्यीय दल के सदस्यों की सोमवार को सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजेश्वर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में बहुत ही अच्छे कार्य किये गये है जो यहां की आवश्यकता थी।

टीम के सदस्यों ने कहा कि जैसलमेर के दूर-दराज एवं दुर्गम मरूस्थलीय क्षेत्रों के गांव व ढ़ाणियों में महात्मा गांधी नरेगा योजना के अन्तर्गत सभी कार्यों में कार्यस्थल पर अधिकांश महिलाएं कार्य करती हुई मिली। वहां मस्टररोल रिकार्ड सही मिले एवं हर व्यक्ति 90-100 दिन पूर्ण कार्य करने वाले श्रमिक कार्य कर रहे थे। उनका भुगतान निर्धारित समय में हो रहा है निरीक्षण हर कार्य पर योजना के बोर्ड लगे हुए थे।

उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रदेश के लोग जल का महत्व को समझते है ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के लिए आर्दश तालाबों को निर्माण किया गया है जो भविष्य के लिए वरदान साबित होंगे। उन्होंने अन्य राज्यों की जानकारी देते हुए कहा कि महात्मा गांधी नरेगा कार्यों पर इतनी तादात में महिलाएं कार्य करती नहीं मिली जितना कि राजस्थान के लोग एवं महिलाएं रोजगार पाने में उत्सुक रहते हैं उन्होंने कहा कि हमारा फर्ज बनता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की अधिक से अधिक महिलाओं एवं लोगों को रोजगार मुहिया करावें।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के साथ भू-जल रिचार्ज के ढ़ांचों के निर्माण के साथ सामुदायिक भवन, चारागाह विकास, खेल मैदान एवं श्मशान, कब्रिस्तानों का कार्य करवाकर ग्रामों का सार्वांगीण विकास किया है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय की टीम ने सड़को दोनों तरफ वृक्षारोपण कराने के लिए वन एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्ययोजना तैयार करने, दूर-दराज क्षेत्रों में चल रहे मनरेगा कार्यों स्थल पर पेयजल व्यवस्था कराने, महिला स्वयं सहायता समूहों को कौशल विकास के लिए पापड़, आचार, मंगोड़ी आदि हस्त निर्मित सामग्री के अलावा क्षेत्र की मांग के अनुसार अन्य उत्पादों के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने एवं बैंकों के माध्यम से ऋण दिलवाने के सुझाव दिये। साथ ही ग्राम पंचायत के जीपीडीपी के सही निर्धारित के लिए व्यापक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जिससे चहुमुखी विकास हो सके।

टीम सदस्य रामेश्वर सिंह, डॉ. समिक शोम, प्रोफेसर आशा कपूर मेहता, बिजय नारायण मिश्रा एवं राधिका रस्तोगी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, राजीविका, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना एवं राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम आदि योजनाओं की प्रगति का अध्ययन किया और सुधार के आवश्यक सुझाव दिये।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजेश्वर सिंह ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के सदस्यों को विश्वास दिलाया कि आपके सुझावों का घ्यान रखते हुए विकास योजनाओं में सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के कार्यों को संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों एवं अधिकारियों को द्वारा समय-समय पर निरीक्षण करते रहते है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ग्रामोत्थान शिविरों में भूमिहीन हजारों परिवारों को पट्टा वितरण किया गया। महिला स्वयं सहायता समूहों को वन ब्लॉक-वन प्रोडेक्ट के ब्राण्ड को प्राथमिकता से उत्पाद बढ़ाने, जिला व ब्लॉक स्तर पर राजीविका स्टोर, राजीविका केन्टीन, कोर्नर संचालित का अपने उत्पाद को विक्रय की सुगमता के लिए प्रयास किये गये है। इन कदमों से महिलाओं का सामाजिक स्तर बढ़ने के साथ ही समय के साथ शिक्षा एवं व्यापार में भी भागीदारी बढ़ी है।

सिंह ने विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के सफल एवं गुणात्मक क्रियान्विति के लिए निरन्तर किये जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 14 नवम्बर को राज्य स्तर के सभी अधिकारी जिलों को दौरा करेंगे। एक जिले से दूसरे जिले में अधिकारियों को क्रियान्विति के परीक्षण हेतु भेजा जाएगा इसके साथ-साथ जिला स्तर पर जिलों में टीम गठित कर कार्यों में गुणात्मक सुधार के प्रयास किये जाएंगे जिससे ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजनाओं का लाभ जनता को मिल सके एवं राज्य का सर्वागीण विकास हो सके।

इस अवसर पर आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा पी.सी. किशन, राजीविका के परियोजना निदेशक महेश नारायण, परियोजना अधिकारी रामनारायण बड़गुर्जर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।



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