Cait urges Javekar to remove the confusing environment made of single use plastic.-m.khaskhabar.com
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सिंगल यूज प्लास्टिक की लेकर बने भ्रामक वातावरण को कैट ने जावेड़कर से दूर करने का आग्रह किया

khaskhabar.com : सोमवार, 16 सितम्बर 2019 4:33 PM (IST)
सिंगल यूज प्लास्टिक की लेकर बने भ्रामक वातावरण को कैट ने जावेड़कर से दूर करने का आग्रह किया
शिमला। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावेडकर को भेजे गए पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने के आवाहन के सन्दर्भ में कहा है की इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को लेकर व्यापार एवं उद्योग में कई तरह के भ्रम बने हुए हैं जो यदि दूर नहीं किये गए तो सिंगल यूज़ प्लास्टिक को समाप्त करने पर कई तरह के अवरोधक बनेंगे। कैट ने आग्रह किया है कि देश में एकल उपयोग प्लास्टिक को समाप्त करने के लिए पर्यावरण मंत्रालय द्वारा उपयुक्त दिशा-निर्देश तुरंत जारी किए जाएं जिसके अनुसार व्यापार एवं उद्योग अपनी तैयारियां कर सके।

कैट ने कहा है कि देश में केवल व्यापारी ही अकेले ऐसे हैं जिनके साथ देश के 130 करोड़ लोगों का सीधा सम्बन्ध रहता है और इस मुद्दे की सफलता में देश भर के लगभग 7 करोड़ से अधिक शॉपिंग आउटलेट प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। कैट ने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए 1 सितंबर, 2019 से एक देशव्यापी अभियान शुरू किया है, जिसमें देश भर के व्यापारियों को एकल प्लास्टिक को बेचने या खरीदने की सलाह दी गई है। व्यापारियों से यह भी कहा गया है की वो अपने ग्राहकों को सामान खरीदने के लिए स्वयं के बैग लाने की सलाह दें।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भारतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि हम इस अभियान को सफल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि एकल उपयोग प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बहुत बड़ा खतरा है। हालाँकि, एकल उपयोग प्लास्टिक के अंतर्गत आने वाली वस्तुओं की श्रेणी के बारे में बाजारों में बहुत भ्रम है। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट नहीं है कि 50 माइक्रोन से ऊपर के प्लास्टिक की अनुमति है या नहीं। ऐसे कौन से विकल्प उपलब्ध हैं जिन्हें एकल उपयोग प्लास्टिक को बदलने के लिए बढ़ावा दिया जा सकता है। अभी तक इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई दिशानिर्देश नहीं है और इसलिए व्यापार, वाणिज्य और उद्योग दुविधा में है।

भरतिया और खंडेलवाल दोनों ने कहा कि 98% एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग बहुराष्ट्रीय कंपनियों, कॉर्पोरेट निर्माताओं और बड़े खुदरा विक्रेताओं द्वारा या तो उनके उत्पादन लाइन या तैयार माल की पैकेजिंग में किया जाता है। व्यापारियों को निर्माता या स्रोत से जो भी पैकिंग मिलती है उसी पैकिंग में सामान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जब तक इन कंपनियों को उत्पादन लाइन या तैयार माल की पैकिंग में एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए मजबूर नहीं किया जाता है तब तक सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग ग्राहकों के स्तर पर कतई भी रूक नहीं सकता ! इसलिए ऐसे निर्माताओं को सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल करने से रोकने के लिए तत्काल निर्देश दिया जाना चाहिए ताकि 2 अक्टूबर के बाद ऐसी पैकिंग के साथ कोई भी सामान बाजार में उपलब्ध न हो।

दोनों व्यापारी नेताओं नेकहा की देश भर में लाखों छोटे बड़े उद्योग प्लास्टिक का निर्माण कर रहे हैं और करोड़ों लोगों को रोज़गार दे रहे हैं। एकल उपयोग प्लास्टिक पर रोक की स्थिति में उनकी व्यावसायिक गतिविधियां समाप्त हो जाएंगी, जिसके परिणामस्वरूप ऐसे सभी लोगों की बेरोजगारी हो सकती है जो इन कंपनियों में काम कर रहे हैं। इस संदर्भ में सरकार को कुछ व्यवहार्य विकल्पों को तराशना चाहिए ताकि ये उद्योग अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को चलाते रहें और रोजगार में गड़बड़ी न हो।

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