Bundelkhand : None political party has given priority to unemployment and migration issue-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Oct 22, 2019 12:21 am
Location
Advertisement

बुंदेलखंड : किसी ने नहीं दी बेरोजगारी और पलायन मुद्दे को प्राथमिकता

khaskhabar.com : मंगलवार, 09 अप्रैल 2019 10:37 AM (IST)
बुंदेलखंड : किसी ने नहीं दी बेरोजगारी और पलायन मुद्दे को प्राथमिकता
बांदा। उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड में बेरोजगारी सबसे विकराल समस्या है। रोजगार के अभाव में हजारों शिक्षित और गैर शिक्षित युवा महानगरों में पनाह लेकर दो वक्त की रोटी कमा रहे हैं। ऐसा भी नहीं कि विभिन्न राजनीतिक दल इस समस्या से अनजान हों, लेकिन किसी भी दल ने बुंदेलखंड की इस समस्या को अपने एजेंडे में तरजीह नहीं दी है।

उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड में चित्रकूट जिले की बरगढ़ ग्लास फैक्ट्री और बांदा जिले की कताई मिल दो ही रोजगार मुहैया कराने के संसाधन थे, जो पहले से ही बंद पड़ी हैं। सभी चार लोकसभा और सभी उन्नीस विधानसभा सीटों पर काबिज होने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की है।

हर चुनाव की तरह इस आम लोकसभा चुनाव में भी सभी दल बेरोजगारों को झूठ का झुनझुना थमाने की कोशिश कर रहे हैं। चित्रकूटधाम मंडल बांदा के चार जिलों बांदा, चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर के सरकारी सेवायोजन विभाग में 85 हजार शिक्षित बेरोजगार दर्ज हैं, जो किसी भी रोजगार की आस लगाए अब भी बैठे हैं।

चित्रकूटधाम मंडल बांदा में तैनात उपनिदेशक कौशलेंद्र सिंह ने आईएएनएस को बताया कि यहां के सेवा योजन कार्यालय में 26,252, चित्रकूट में 31,823, हमीरपुर में 16,565 और महोबा में 10,391 (कुल 85,031) शिक्षित बेरोजगार पंजीकृत हैं, जिन्हें सरकारी रोजगार नहीं मिला है। अलबत्ता 1,923 बेरोजगार जिले से बाहर निजी कंपनियों में दिहाड़ी के एवज में रोजी-रोटी कमा रहे हैं। यह आंकड़ा कुल पंजीकृत 85,031 बेरोजगारों में 2.26 फीसदी है।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य - शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

1/2
Advertisement
Khaskhabar UP Facebook Page:
Advertisement
Advertisement