Bhupesh Baghel wrote a letter to 17 chief ministers against the decision of the central government -m.khaskhabar.com
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Jun 28, 2022 8:52 pm
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केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ भूपेष बघेल ने 17 मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा

khaskhabar.com : सोमवार, 28 मार्च 2022 1:09 PM (IST)
केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ भूपेष बघेल ने 17 मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेष बघेल ने केंद्र सरकार द्वारा जून 2022 के बाद से राज्यों को जीएसटी क्षति पूर्ति की राशि न देने के निर्णय पर 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा हे। इस पत्र में केंद्र के इस फैसले से राज्यों को होने वाले नुकसान का जिक्र है। मुख्यमंत्री बघेल ने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर केंद्र सरकार के जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि न देने के निर्णय से राज्यों को होने वाली हानियों पर चर्चा की है। मुख्यमंत्री बघेल ने उड़ीसा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, आंध्रप्रदेश, हैदराबाद, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और दिल्ली जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजा है।

इस पत्र में बघेल ने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से केंद्र सरकार से क्षतिपूर्ति दस वर्ष तक जारी रखने का आग्रह करने का अनुरोध किया है, ताकि राज्यों केा राजस्व की भारी हानि से बचाया जा सके। केंद्र सरकार जीएसटी क्षतिपूर्ति जारी रखे या वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए।

मुख्यमंत्री बघेल ने इसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करते हुए तीन बिंदुओं में अपनी बात रखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में 29 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों के साथ बजट-पूर्व बैठक में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों ने जून 2022 में समाप्त होने वाले जीएसटी मुआवजे पर चिंता व्यक्त की थी। साथ ही केंद्र सरकार से इसे और पांच साल के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया, इस मामले में सभी राज्य केंद्र सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद रखते हैं।

उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश जैसे मैन्युफैक्च रिंग राज्यों के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति नहीं मिलना एक बड़ा वित्तीय नुकसान होगा। वि-निर्माण राज्य होने के नाते, देश की अर्थव्यवस्था के विकास में हमारा योगदान उन राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है, जिन्हें वस्तुओं और सेवाओं की अधिक खपत के कारण जीएसटी से लाभ हुआ है। यदि जीएसटी क्षतिपूर्ति जून 2022 से आगे जारी नहीं रखा गया, तो छत्तीसगढ़ को भारी राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा, आगामी वित्तीय वर्ष में लगभग पांच हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है। ठीक इसी तरह दूसरे राज्यों को भी आगामी वित्तीय वर्ष में राजस्व प्राप्तियां कम होगी और राज्यों को इस समस्या से जनहित के कार्यों और विकास कार्यों के लिए पैसों की व्यवस्था करना बहुत कठिन हो जाएगा।

बघेल ने बताया है कि जीएसटी व्यवस्था की शुरूआत के बाद टैक्स नीति पर राज्यों की स्वतंत्रता बहुत कम हो गई है। अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के दुष्प्रभाव सामने है, इससे उबरने के लिए और राज्यों को जीएसटी का यथोचित लाभ मिलने तक, राज्यों को केंद्र सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि वह कम से कम अगले पांच साल के लिए क्षतिपूर्ति के मौजूदा तंत्र को जारी रखे।

--आईएएनएस

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