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Dec 10, 2018 7:59 pm
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नई एकीकृत लाइसेंसिंग नीति में संशोधन, यहां पढ़ें

khaskhabar.com : गुरुवार, 15 नवम्बर 2018 4:28 PM (IST)
नई एकीकृत लाइसेंसिंग नीति में संशोधन, यहां पढ़ें
चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में गुरुवार को यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में नई एकीकृत लाइसेंसिंग नीति 2016 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई ताकि नीति को और अधिक लचीला बनाते हुए एफएआर एवं घनत्व मानदंडों को संशोधित किया जा सके और सामुदायिक स्थलों के आकार में मामूली बदलाव किया जा सके।

एफएआर की ऊपरी सीमा के मानकीकरण और छोटे आकार की इकाइयों में जनसंख्या घनत्व में वृद्धि के कारण घनत्व मानदंडों को बढ़ाया गया है जिसके परिणामस्वरूप वहनीयता में सुधार होगा। हालांकि, घनत्व में वृद्धि के फलस्वरूप आबादी बढ़ी है जिसके लिए सेवा तंत्र का उन्नयन करने और इसी के अनुसार बाह्यï विकास शुल्क को बढ़ाये जाने की आवश्यकता है।



संशोधन के अनुसार, नई एकीकृत लाइसेंसिंग नीति में कॉलोनियों में जनसंख्या घनत्व 300 व्यक्ति प्रति एकड़ तक बढ़ाया गया है। अनुज्ञेय एफएआर, कॉलोनी के आकार पर विचार किए बिना समस्त परियोजना के अधिकतम 0.25 एफएआर तक सीमित खरीद योग्य अधिकार (पीडीआर) का लाभ उठाने के प्रावधान के साथ 1.25 संशोधित किया गया। ईडब्ल्यूएस / सस्ते आवास के लिए आरक्षित 12 प्रतिशत क्षेत्र को छोडक़र लाइसेंस प्राप्त क्षेत्र के 88 प्रतिशत पर इस तरह के एफएआर को जारी रखा जाएगा। एनआईएलपी कॉलोनियों से लाइसेंस शुल्क, परिवर्तन शुल्क, बाहरी विकास शुल्क जैसी फीस एवं शुल्क बढ़ी हुई एफएआर के अनुपात में वसूल किया जाएगा। आबादी में वृद्धि के अनुरूप नगर स्तर के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए आवश्यकतानुसार आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
कॉलोनाइजर को 40 एकड़ तक की कॉलोनी में कम से कम 1.25 एकड़ के सामुदायिक स्थलों के लिए जमीन के दो टुकड़े उपलब्ध कराने की अनुमति होगी । 40 एकड़ से अधिक की कॉलोनियों के लिए सामुदायिक स्थलों की भूमि कम से कम 2-2 एकड़ होगी।

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