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इस तरह करें अवसादग्रस्त व्यक्ति से बात, उम्मीदों को न छोड़ें

khaskhabar.com : मंगलवार, 25 जनवरी 2022 4:06 PM (IST)
इस तरह करें अवसादग्रस्त व्यक्ति से बात, उम्मीदों को न छोड़ें
वर्तमान समय में हम देखते हैं कि जिन्दगी को सुचारू रूप से चलाने के लिए व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के कारण युवाओं में तनाव और चिंता की समस्या बढ़ती जा रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों के पास भी आजकल ज्यादातर केस ऐसे मामलों के आ रहे हैं जहाँ युवा ज्यादा चिंता की वजह से डिप्रेशन (अवसाद) में नजर आते हैं। ऐसे समय में सामने वाले को सबसे ज्यादा आवश्यकता ऐसे व्यक्ति की होती है जिसे वो सबसे अधिक प्रेम करता है। लेकिन सामने वाले व्यक्ति को कई बार समझ नहीं आता है कि इस स्थिति का सामना कैसे किया जाए। इसकी वजह बनता है तनाव से ग्रसित व्यक्ति का व्यवहार, जो बहुत अजीब हो जाता है। डिप्रेशन कम हो या ज्यादा, इस समस्या में साथी का विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। आइए डालते हैं एक नजर उन तरीकों पर जो आपको इस स्थिति में करने चाहिए—
झिडक़ कर नहीं अपितु प्रेम से बात करें

डिप्रेशन (अवसाद) ग्रस्त व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव आने लगता है। वे मूड स्विंग की समस्या से जूझने लगते हैं। कभी वे खुश दिखते हैं तो कभी काफी चिंतित। ऐसे लोग कुछ ऐसी हरकत कर सकते हैं जो आपको अच्छी नहीं लगे। फिर भी इनसे प्यार से बात करें। कभी झिडक़ कर बातें नहीं करें। साथ ही यदि वो आपसे कुछ कहना चाहते हैं तो उन्हें जरूर सुनें इससे उन्हें इस बात का मलाल नहीं रहेगा कि कोई उनकी नहीं सुनता है।
अकेला न छोड़ें
ऐसे समय में गलती से भी अपने पार्टनर को अकेला न छोड़ें क्योंकि अकेला छोड़ देने पर उन्हें ऐसा ख्याल आ सकता है कि उनका तो कोई है ही नहीं। अपनी लगातार सोच के चलते वे अपनी समस्या को और बढ़ा लेंगे। यदि आप अपने साथी के लगातार 24 घंटे नहीं रह सकते हैं तो अपने कार्यस्थल पर रहते हुए आप उनसे फोन के जरिये सम्पर्क करते रहें। फोन पर उनसे उनके हाल पूछते हुए उनसे सकारात्मक बातें करें। उनकी सोच को सकारात्मकता की ओर मोडऩे का प्रयास करें।
बीमारी के बारे में जानें
हमारे समाज में मानसिक बीमारियों को लेकर जागरूकता की काफी कमी है। कोई जल्दी इसे मानने को तैयार नहीं होता। लोग डिप्रेशन और दूसरी मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों की समस्या को जल्दी नहीं समझ पाते हैं। इसलिए इस बीमारी के बारे में जानने की कोशिश करें और उसी के अनुरूप व्यवहार करें।
उनकी बातों को स्वयं पर न लें
तनावग्रस्त व्यक्ति की कही हुई किसी भी बात को आप अपने ऊपर न लें। आप इस बात को समझिए कि सामने वाला जो भी बात कह रहा है वो उस विषय में सही तरीके से सोचने- समझने की स्थिति में नहीं है फिलहाल तो ऐसे समय में कोशिश करें कि आप उनकी बातों को बस सुनते रहें और विश्वास दिलाएं कि आप सब समझ रहे हैं और सब कुछ जल्द ही बेहतर भी होगा।
काम में हाथ बटाएं
तनाव के कारण उनका दिमाग नहीं चलता और वो जो काम पहले 1 घंटे में किया करते थे उन्हें वही काम करने में अधिक समय लगता है तो ऐसे में वो और दुखी हो जाते हैं। इसलिए कोशिश करें कि आप अपने साथी का ज्यादा से ज्यादा कामों में हाथ बटाएं ताकि वे खुद को कमजोर न समझें और उनका काम भी समय से हो जाए। आप उन्हें रसोई के कामों में और घर के दूसरे कामों डस्टिंग करने, कपड़े धोने-सुखाने में मदद करें।
उम्मीदों का दामन न छोड़ें
तनावग्रस्त व्यक्ति को लगता है कि अब जीने को बचा नहीं है। ऐसे में उन्हें यह महसूस करवाएं कि उनका जीवन आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है। आप लोग साथ- साथ कितना कुछ कर सकते हैं। आगे भविष्य कितना खूबसूरत है। उन्हें यह समझाने का प्रयास करें कि आपके साथ हो तो हम सब कुछ कर सकते हैं। अपनी परिस्थिति को सुधार सकते हैं, जिन्दगी को खुशहाल बना सकते हैं। उन्हें उनकी अहमियत का अहसास कराएँ कि आपके बिना हम कुछ नहीं हैं। यह सब बातें उन्हें एक उम्मीद देंगी।

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