Paytm Mall ventures into exports, eyes Rs 500cr GMV in 2 yrs-m.khaskhabar.com
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Apr 6, 2020 4:47 pm
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'पेटीएम मॉल' को 2 साल में ही 500 करोड़ का जीएमवी लक्ष्य हासिल

khaskhabar.com : गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020 11:35 AM (IST)
'पेटीएम मॉल' को 2 साल में ही 500 करोड़ का जीएमवी लक्ष्य हासिल
नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म 'पेटीएम मॉल' ने बुधवार को कहा कि उसने भारत में निर्मित उत्पादों के लिए देश का सबसे बड़ा व्यापारिक घराना बनाने के उद्देश्य से निर्यात किया और परिचालन के पहले दो वर्षों में ही 500 करोड़ रुपये के सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) को हासिल करने में सफलता प्राप्त की है। पेटीएम मॉल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने एक बयान में कहा, "हमने वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की एक श्रृंखला को पूरी क्षमता के साथ पेश करने के उद्देश्य से निर्यात किया है।"

मिश्रा ने कहा, "हमारा प्रयास वैश्विक उपभोक्ताओं के लिए भारत के उत्पादों को खरीदने के लिए सबसे बड़ा प्रवेश द्वार बनना है। हमारे पास आपूर्तिकर्ताओं का एक सुस्थापित नेटवर्क है और सभी जगह हमारी टीम को तैनात कर रहे हैं।"

वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पेटीएम मॉल कई प्रमुख साझेदारों जैसे मवारिद डिस्ट्रीब्यूशन, मेयर फूड्स, वेदिका ऑर्गेनिक्स, सिगे इम्पेक्स, फाइव रिवर फूडस्टफ इत्यादि के साथ जुड़ रहा है।

इसने दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य पूर्व, कनाडा, अमेरिका और अफ्रीका में भारतीय उत्पादों के लिए बाजार का विस्तार किया है, जिससे भारतीय विक्रेताओं के लिए व्यापार के अवसरों और विकास में वृद्धि हुई है।

कंपनी अपने मौजूदा मर्चेंट पार्टनर्स को नए क्षेत्र में अपने उत्पादों की पेशकश करने के लिए भी तैयार कर रही है।

परिचालन के पहले दो वर्षों में 500 करोड़ रुपये के जीएमवी के लक्ष्य के साथ पेटीएम मॉल इन केंद्रों में एक टीम का गठन कर रहा है, ताकि अधिक अवसरों का लाभ उठाया जा सके और अधिक कुशल तरीके से हर जगह पर व्यापार किया जा सके।

पेटीएम ईकॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में पेटीएम मॉल अपने अद्वितीय ऑफलाइन-टू-ऑनलाइन (ओ टू ओ) मॉडल के साथ भारत में ई-कॉमर्स व्यापार बेहतरीन तरीके से कर रहा है।

कंपनी चावल, मसाले, चाय, ड्राई फ्रूट्स, बाजरा, आवश्यक तेल, क्विनोआ, मोरिंगा, ऑर्गेनिक भोजन, अधिक समय तक चलने वाले भोजन (फ्रोजन फूड), ताजे फल एवं सब्जियां, पल्प और पेस्ट जैसे 'भारत में निर्मित/मेड इन इंडिया' उत्पादों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का काम बखूबी कर रही है। (आईएएनएस)

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