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कभी नहीं हिल सकती सलमान खान की सत्ता, चाहे जितना जोर लगा लें ये साउथ सितारे

khaskhabar.com : सोमवार, 04 अप्रैल 2022 2:00 PM (IST)
कभी नहीं हिल सकती सलमान खान की सत्ता, चाहे जितना जोर लगा लें ये साउथ सितारे
—राजेश कुमार भगताणी

सलमान खान को लेकर बॉलीवुड के गलियारों में कहा जाने लगा है कि उनका जलवा अब समाप्त होने लगा है और उनकी सत्ता को दक्षिण भारत के सुपर सितारे हिलाने के लिए मुम्बई का रुख करने जा रहे हैं। उनके लिए यह बात पिछली कुछ पैन इंडिया फिल्मों की सफलता को देखते हुए कही जा रहा है। दक्षिण भारत की पिछली प्रदर्शित फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर जो कामयाबी प्राप्त की है उसे देखने के बाद गलियारों में हवाओं का रुख बदलने का प्रयास करती नजर आ रही इन खबरों को वे लोग उड़ा रहे हैं जो सलमान खान के साथ काम नहीं कर पाए हैं या जिन्हें सलमान खान स्वयं नहीं पसन्द करते हैं। अगर दर्शकों की नजरों से सोचा जाए तो हिन्दी भाषी क्षेत्र का कोई भी दर्शक दक्षिण के सुपर सितारों—रामचरण, प्रभास, अल्लू अरविंद, जूनियर एनटीआर, महेश बाबू, पवन कल्याण—को हिन्दी फिल्मों में उतना पसन्द नहीं कर सकता जितना वो यहाँ के सितारों, फिर चाहे वो सलमान खान हो, शाहरुख खान हो, आमिर खान हो, अक्षय, ऋतिक हो यहाँ तक कि आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव, कार्तिक आर्यन तक को पसन्द करता है।
ऐसा नहीं है कि दक्षिण भारत के ये ख्यातनाम सितारे अच्छा अभिनय नहीं करते। इन सितारों का अपना एक अलग अंदाज और मुकाम है, जिसे दक्षिण के दर्शक हमेशा ही पसन्द करते आ रहे हैं। यही बात उत्तर भारत के सितारों के साथ है। उन्हें भी उनका दर्शक वर्ग बहुत चाहता है। जिस तरह से कभी-कभी जुबान का स्वाद बदलने के लिए ढाबे का खाना बहुत अच्छा लगता है वैसा ही फिल्मों के साथ भी है। लगातार एक ही तरह के सितारों को देखते हुए दर्शकों में ऊब आ जाती है जिसे वह बदलने के लिए वक्ती तौर पर दूसरे सितारों की फिल्मों को देखना पसन्द करता है। इसमें भी वो अव्वल दर्जे के सितारों या उन निर्देशकों की फिल्मों को देखना पसन्द करता है जो कुछ हटकर काम करते हैं।
यह सही है कि सलमान खान भले ही अपनी पिछली रिलीज फिल्मों—राधे यूअर मोस्ट वांटेड भाई और अंतिम: द फाइनल ट्रूथ—से दर्शकों को खास प्रभावित नहीं कर पाए। लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि सलमान खान का जलवा खत्म हो गया है। वो अभी भी बॉलीवुड के नंबर 1 स्टार हैं, जिनकी कोई फिल्म थियेटर पहुंचते ही 2-3 दिनों में ही 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर जाती है। यदि उनकी पिछली प्रदर्शित फिल्म अंतिम: द फाइनल ट्रूथ के कारोबार को देखा जाए तो दर्शक इस बात को जानते हुए भी इस फिल्म में सलमान मेहमान भूमिका में हैं, सिनेमाघर पहुँचा और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 70 करोड़ से ज्यादा का कारोबार करने में सफलता प्राप्त कर ली। दक्षिण की पिछली प्रदर्शित फिल्मों—पुष्पा: द राइज, आरआरआर, साहो, राधेश्याम, वली मै और खिलाड़ी—के बाद बॉलीवुड के गलियारों में सलमान खान को लेकर अफवाहों को बाजार गर्म हो गया लेकिन देखने वाली बात यह है कि इन प्रदर्शित फिल्मों में से मात्र दो फिल्मों—पुष्पा: द राइज और आरआरआर ही ऐसी रही हैं जिनको हिन्दी दर्शकों ने तहे दिल से स्वीकार किया है। इन फिल्मों की सफलता में सबसे बड़ा हाथ जहाँ उनका तकनीकी कौशल रहा, वहीं दूसरी ओर बेहतरीन निर्देशन के साथ-साथ कथा कहने के अंदाज ने हिन्दी भाषी दर्शकों को प्रभावित किया। जबकि दूसरी प्रदर्शित फिल्मों को हिन्दी भाषी दर्शकों ने पूरी तरह से नकार दिया, जबकि इन फिल्मों ने दक्षिण भारत में करोड़ों का कारोबार करने में सफलता प्राप्त की।
हालांकि आने वाले कुछ समय में दक्षिण भारत के कुछ सितारों की ऐसी फिल्मों का प्रदर्शन होने जा रहा है जिनकी पिछली फिल्मों ने हिन्दी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कामयाबी प्राप्त की है। इन सितारों में बाहुबली फेम प्रभास की आदिपुरुष, जिसे हिन्दी फिल्म निर्देशक ओम राउत ने निर्देशित किया है, अल्लू अर्जुन की पुष्पा: द राइज का दूसरा भाग पुष्पा: द रूल, इस फिल्म को पिछली फिल्म की सफलता का बड़ा योगदान मिलेगा, अभिनेता यश की केजीएफ-2, जिनकी पिछली फिल्म केजीएफ ने हिन्दी भाषी क्षेत्रों में कमाई के नए रिकॉर्ड बनाये थे, का बाहुबली-2 की तरह से दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म को लेकर यह जरूर कहा जा सकता है कि केजीएफ-2 हिन्दी बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर सकती है। इन सितारों की यह फिल्में उत्तर भारत में कामयाब होंगी इसमें कोई शक नहीं है लेकिन इन सफलताओं के दम पर वो सलमान खान को हिला सके यह सम्भव नहीं है। सलमान खान हिन्दी भाषी दर्शकों के साथ-साथ पूरी हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री के भाई हैं, जिन्हें कोई भी हारता हुआ देखना पसन्द नहीं कर सकता।

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