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Nov 16, 2018 3:27 am
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अन्नकूट के प्रसाद से होती है गोवर्धन पूजा, जानिए क्यों है इसका महत्व...

khaskhabar.com : गुरुवार, 08 नवम्बर 2018 12:17 PM (IST)
अन्नकूट के प्रसाद से होती है गोवर्धन पूजा, जानिए क्यों है इसका महत्व...
जयपुर। दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा का विशेष आयोजन होता है। गोवर्धन पूजा को लोग अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। इस पर्व की अपनी मान्यता और लोककथा है। इस त्योहार का भारतीय लोकजीवन में काफी महत्व है। इस पर्व में प्रकृति के साथ मानव का सीधा संबंध दिखाई देता है। भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन इंद्र का मानमर्दन कर गिरिराज पूजन किया था। इस दिन मंदिरों में अन्नकूट किया जाता है। अन्नकूट एक प्रकार से सामूहिक भोज का आयोजन है, जिसमें पूरा परिवार एक जगह बनाई गई रसोई से भोजन करता है। इस दिन चावल, बाजरा, कढ़ी, साबुत मूंग सभी सब्जियां एक जगह मिलाकर बनाई जाती हैं।

मंदिरों में भी अन्नकूट बनाकर प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। शाम में गोबर के गोवर्धन बनाकर पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा की जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि गाय उसी प्रकार पवित्र होती जैसे नदियों में गंगा। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है। देवी लक्ष्मी जिस प्रकार सुख समृद्धि प्रदान करती हैं, उसी प्रकार गौ माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती हैं। इनका बछड़ा खेतों में हल जोतकर अनाज उगाता है। इस तरह गौ संपूर्ण मानव जाति के लिए पूजनीय और आदरणीय है। गौ के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए ही कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोर्वधन की पूजा की जाती है और इसके प्रतीक के रूप में गाय की। वेदों में इस दिन वरुण, इंद्र, अग्नि आदि देवताओं की पूजा का विधान है।


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