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khaskhabar
Feb 22, 2019 11:13 pm
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www.khaskhabar.com | Published : 14-02-2012

कुछ तो लोग कहेंगे:उम्र के फासले घटाता लव सीरियल

सोनी टीवी पर प्रसारित हो रहे डेली सोप "कुछ तो लोग कहेंगे" पाकिस्तान के सुप्रसिद्ध धारावाहिक धूप-छांव पर आधारित है। धीमी शुरूआत के बाद इस धारावाहिक ने दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाने में सफलता प्राप्त की है। यह एक ऎसे जोडे की कहानी है जिनकी उम्र में बडा फासला है लेकिन फिर भी यह दोनों एक दूसरे के प्यार में हैं।

सोमवार को प्रसारित की गई कडी को देखकर ऎसा लगा जैसे निर्देशक ने इसे वेलेंटाइन डे को देखते हुए फिल्माया है और इसका अन्त कुछ ऎसे प्रश्नों के साथ किया है जहां दर्शकों की जिज्ञासा अगली कडी देखने के लिए बनी रहती है कि क्या "प्यार के इस अनोखे दिन" पर डॉक्टर आशुतोष डॉक्टर निधि को आश्चर्यचकित करेंगे या फिर जैसा कि उन्होंने कहा है कि "अब मेरी उम्र ऎसी नहीं है कि मैं इस दिन को युवाओं या किशोरावस्था के बच्चों की तरह सेलिब्रेट करूं।"

वेलेंटाइन-डे किसी खास चहेते के साथ रोमांस करने और उस पर प्यार की फुहार बरसाने का प्रतीक है। इस बार वेलेंटाइन-डे पर सोनी-टीवी के सीरियल "कुछ तो लोग कहेंगे" के डॉ. आशुतोष और डॉ. निधि के लिए बेहद खास है, क्योंकि यह उनका पहला वेलेंटाइन-डे है। शो में दो ऎसे लोगों के रिश्ते को दिखाया गया है, जिनकी उम्र में काफी अंतर है, लेकिन इसके बावजूद वे एक-दूसरे से प्यार कर बैठे। सवाल यह है कि क्या इस वेलेंटाइन-डे पर उनके रिश्तों में कोई बदलाव आएगा। हर लडकी चाहती है कि उसके सपनों का राजकुमार उसे खास होने का अहसास दिलाए, लेकिन 42 साल के डॉक्टर आशुतोष को यह पता नहीं है कि आखिर प्यार को जाहिर कैसे किया जाता है।

वेलेंटाइन-डे को लेकर उनके मन में कोई उत्साह नहीं है। उन्हें लगता है कि ये सब करने की उनकी उम्र निकल चुकी है और उन्होंने कभी वेलेंटाइन-डे नहीं मनाया। दूसरी ओर डॉक्टर निधि हैं कि डॉ. आशुतोष की ओर से किसी सरप्राइज का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। ये दोनों का साथ में पहला वेलेंटाइन-डे जो है। यह वेलेंटाइन-डे डॉक्टर आशुतोष और डॉक्टर निधि के लिए कैसा रहेगा। क्या वे इसे उत्साह और उल्लास से मनाएँगे। क्या आशुतोष तोहफे, कार्ड, फूल, चॉकलेट इत्यादि के जरिए निधि को सरप्राइज देंगे या फिर यह एक सामान्य दिन की तरह होगा।

इस धारावाहिक के निर्देशक ने कहानी के मांग के अनुरूप किरदारों का चयन किया है। मोहनीश बहल के चेहरे से जहां परिपक्वता झलकती है, वहीं डॉक्टर निधि की भूमिका में कृतिका के चेहरे से युवाओं की उत्सुकता और उमंग का अहसास होता है। एक युवा और एक अधेड का एक-दूसरे को अपने हिसाब से ढालने की प्रवृति को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया जा रहा है लेकिन कहीं-कहीं इन दो सितारों का अभिनय ओवर डोज का शिकार हो जाता है। इसके बावजूद यह धारावाहिक दर्शकों में अपनी अलग जगह बनाने में कामयाब हुआ है।

अब देखने वाली बात यह है कि आने वाली कडियों में क्या आशुतोष निधि के अनुरूप अपने आप को ढालने में सफल होंगे या फिर निधि अपनी उमंग और जोश को दबाते हुए परिपक्वता की ओर अग्रसर होगी।

कृपया प्रतीक्षा करें ...
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