‘हर टूर्नामेंट में एक बुरा दिन होता है और हमारे लिए वह बुरा दिन था’

सुनील ने कहा, मैं अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन से खुश नहीं हूं। मैं कुछ मैचों में अच्छा खेला लेकिन कुछ एक बड़े मैचों में मेरा प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। मैं गलतियों को न दोहराने की कोशिश करूंगा। मैं आगामी राष्ट्रीय कैम्प में वीडियो देखकर अपने खेल का विश्लेषण करूंगा और मेरे खेल में जो भी खामियां हैं उसे दूर करने की कोशिश करूंगा। मैं विश्व कप जैस टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह से तैयार रहना चाहता हूं। सुनील ने टूर्नामेंट में भारतीय टीम द्वारा पेनल्टी कॉर्नर पर अधिक गोल किए जाने पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि कैम्प में इस दिशा में काफी काम किया गया था। बकौल सुनील, हमने टूर्नामेंट में भाग लेने से पहले बैंगलोर में हुए कैम्प में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करने का बहुत अभ्यास किया। हम और भी अच्छा कर सकते थे क्योंकि हमें सेमीफाइनल में मलेशिया के खिलाफ मौके मिले थे, जिन्हें हम भुना नहीं पाए। स्वर्ण पदक पर कब्जा न कर पाने के कारण भारतीय हॉकी टीम की खूब आलोचना भी हो रही है। सुनील ने माना कि प्रशंसकों को टीम की आलोचना करने का अधिकार है क्योंकि वे टीम को बहुत प्यार देते हैं और लंबे समय से हॉकी को देखते आ रहे हैं। सुनील ने कहा, लोगों को हमारी आलोचना करने का अधिकार है क्योंकि वे हॉकी से बहुत प्यार करते हैं। भारत में हॉकी बहुत लोकप्रिय है। प्रशंसक कई वर्षों से अच्छी हॉकी देख रहे हैं और जब हम हारते हैं तो उन्हें भी दुख होता है। वे हमारी आलोचना कर सकते हैं।
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