इस संबंध में CM ने कहा, कुछ राजनेता लोगों से झूठ बोल रहे हैं

इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री बिरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड के साथ तीन अगस्त 2015 को किए गए समझौत पर परिचर्चा करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की कोई आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा, इस मसले के संबंध में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को सूचित नहीं किया है। समय आने पर केंद्र सरकार मणिपुर सरकार समेत सभी हितधारकों को विश्वास में लेगी। उन्होंने कहा कि समझौते के संबंध में विस्तृत जानकारी मिलने की सूरत में ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। सिविल सोसायटी के संगठनों और विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से मणिपुर की अखंडता को कायम रखने को लेकर लगातार हो रही मांग के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनेता लोगों से झूठ बोल रहे हैं। इससे पहले बिरेन सिंह ने कहा कि मणिपुर की अखंडता को खतरा होने की सूरत में वह सबसे पहले अपना इस्तीफा देंगे। कांग्रेस नेता गाइखानगम ने कहा, एक बार रूपरेखा समझौते के विधायी निकाय बन जाने के बाद मुख्यमंत्री के इस्तीफे से कुछ नहीं होगा।
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