डीएमके अध्यक्ष स्टालिन के बनने के बाद नरम पडे बडे अलागिरी

चेन्नई। डीएमके पार्टी में विवाद अब खत्म होता नजर आ रहा है। डीएमके से निष्कासित एम.करुणानिधि के बड़े बेटे एमके अलागिरी ने डीएमके अध्यक्ष स्टालिन के बनने के बाद उनकी सुलह के मूड में नजर आ रहे हैं। गुरुवार को अलागिरी से जब सवाल किया गया कि क्या वह डीएमके में वापस जाएंगे, तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि हम तो डीएमके में वापस जाने को तैयार हैं, लेकिन स्टालिन हमें वापस लेने को तैयार नहीं है।उल्लेखनीय है कि अलागिरी को 2014 में करुणानिधि ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। वे तब से लगातार स्टालिन के नेतृत्व पर लगातार सवाल उठाते आए हैं। उन्होंने पांच सितंबर को चेन्नई में एक रैली के आयोजन करने की घोषणा भी की थी। स्टालिन के बड़े भाई अलागिरी ने करुणानिधि के निधन के बाद दावा किया था कि करुणानिधि के सच्चे और निष्ठावान कार्यकर्ता उनके सम्पर्क में हैं। डीएमके संस्थापक करुणानिधि के निधन होने के बाद मंगलवार को पार्टी की महापरिषद की बैठक में डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष और करुणानिधि के छोटे बेटे एमके स्टालिन को पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया है। इसके अलावा वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रधान सचिव दुरईमुरुगन को पार्टी का नया कोषाध्यक्ष बना दिया गया।
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