जालौर के सरकारी स्कूलों में मिलेगी कंप्यूटर शिक्षा, स्कूलों को डिजीटल किया

जालौर। जिले के राजकीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विधालय डिजिटल होंगे जिसमे अब विधार्थियो को कम्प्यूटर शिक्षा भी मिलेगी। प्रदेश में शिक्षा विभाग में अभी तक का सबसे बड़ा कदम है। प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जिले की सरकारी स्कूलों को डिजिटल युग की श्रेणी में लाने को लेकर तीन करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया। इसमें 75 प्रतिशत राज्य सरकार एवं 25 प्रतिशत जन सहयोग से होना था लेकिन सांसद देवजी पटेल ने जिले के सरकारी विधालयो को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सपने को धरातल पर साकार किया। 25 प्रतिशत जनसहयोग की जगह सांसद कोष से एक करोड़ से अधिक का बजट राजकीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विधालयो में आईसीटी लेब स्थापना पर खर्च किया गया। राजकीय विद्यालयों में आईटीसी लेब की स्थापना होने से सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में भी सुधार होगा जालोर के सभी सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विधालय आईसीटी लैब युक्त हो जाएंगे। इसके बाद शिक्षक प्रोजेक्टर से विद्यार्थियों को पढ़ा सकेंगे, वहीं विद्यार्थी भी ओडिया-विजुअल सिस्टम से शिक्षण सामग्री डाउनलोड कर पढ़ाई कर सकेंगे। जिले में मात्र 41 स्कूल आईसीटी लैब से जुड़ने से वंचित थे , जिनकी स्वीकृति सांसद देवजी पटेल ने जारी कर दी। रमसा के एडीपीसी प्रकाशचंद्र चौधरी ने बताया कि आईसीटी लैब के जिले के 371 उच्च माध्यमिक विधालयो में कंप्यूटर लैब की स्थापना की जा रही है
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