विलुप्त हो रही वनस्पतियों व जीवों के लिए हिसार में बायोडायवर्सिटी पार्क बनेगा

चण्डीगढ़। हरियाणा में विलुप्त हो रही वनस्पतियों व जीवों के संरक्षण के लिए 32 करोड़ रुपये की लागत से 300 एकड़ के एरिया में बायोडायवर्सिटी पार्क बनाया जायेगा।यह मंजूरी आज यहां हरियाणा के मुख्य सचिव डी.एस.ढेसी की अध्यक्षता में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की राज्य स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी की चौथी बैठक में दी गई। यह पार्क हिसार जिले के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में बनाया जायेगा।बैठक में बताया गया कि इस पार्क के निर्माण की परियोजना चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार एवं केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान, हिसार द्वारा क्रियान्वित की जायेगी। इस परियोजना के तहत विलुप्त हो रही प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों को 7 से 15 तक बढ़ाने , स्थानीय पक्षी प्रजातियों को 80 से 110 तक बढ़ाने, जलीय वनस्पति को 14 से 30 तक बढ़ाने, जलीय जीवो की संख्या को 20 से 55 तक बढ़ाने के लक्ष्य के अलावा जंगली पशु प्रजातियों, कृषि फसलों, फल वाले वृक्षों आदि का संरक्षण किया जायेगा।बैठक में बताया गया कि इस परियोजना का मुख्य उददेश्य विलुप्त हो रही वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण के लिए अद्वितीय इकोलोजिकल मॉडल बनाना, जलीय वनस्पति और जीवों के साथ-साथ प्रवासी और स्वदेशी पक्षियों के लिए आदर्श आवास प्रदान करना, लुप्त हो रही पशुधन जैव विविधता पर विशेष जोर देने के साथ अनूठी खाद्य श्रृंखलाओं के साथ चरागाह भूमि का निर्माण और विकास एवं प्रकृति के संरक्षण पर जागरूकता को बढ़ावा, पर्यावरण-पर्यटन को बढ़ावा देना व में स्थानीय समुदायों की आजीविका बढ़ाना है।
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