फिल्म रिव्यू: निराशा के बादलों से दूर जिंदगी की महक को दर्शाती है बियॉन्ड द क्लाउड्स

मुंबई। भारत की पृष्ठभूमि पर मजीदी ने अब एक फिल्म बनाई है, जिसका नाम है "बियॉन्ड द क्लाउड्स"। निराशा के बादलों से दूर एक उम्मीद और फिर जिंदगी की महक को दर्शकों तक पहुंचाती है ईरानी फिल्ममेकर माजिद मजिदी की फिल्म बियॉन्ड द क्लाउड्स।इस फिल्म के माध्यम से जहां एक तरफ अभिनेता शाहिद कपूर के भाई ईशान खट्टर हिंदी फिल्मों में एंट्री कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ साउथ की अभिनेत्री मालविका मोहनन ने भी बॉलीवुड में इस फिल्म के साथ कदम रखा है। कई सारे फिल्म फेस्टिवल से होती हुई अब यह फिल्म भारत में आज 20 रिलीज हो गई है। फिल्म की कहानी आमिर और उसकी बहन तारा के इर्द-गिर्द घूमती है. दोनों की जिंदगी कड़े इम्तेहानों के दौर से गुजर रही है। भाई को बचाने की कोशिश में बहन तारा जेल चली जाती है। भाई के रोल में हैं ईशान खट्टर और बहन के रोल में हैं मालविका मोहनन। कई जगह पर फिल्म 1997 में आई चिल्ड्रन ऑफ हेवन का विस्तृत वर्णन लगती है। इस फिल्म को भी माजिद मजीदी ने ही बनाया था, बस फर्क ये है कि इस बार फिल्म की शूटिंग मुंबई में हुई है।
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